रुड़की/लंढौरा। बवाल के बाद धारा 144 लागू होने के बावजूद पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के समर्थकों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत का पुतला फूंका। उन्होंने रंगमहल के पास सीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। साथ ही बवाल के लिए सीधे सीएम को जिम्मेदार ठहराते हुए चैंपियन के ताऊ पर लगाई गई धाराएं हटाने की मांग की।
बवाल के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी की ओर से रुड़की, लक्सर, भगवानपुर और हरिद्वार तहसील में धारा 144 लागू की गई है। जिसके तहत समूह बनाकर विरोध प्रदर्शन करना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसके पालन के लिए पुलिस के साथ साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती भी गई है। रंगमहल में भी पुलिस बल तैनात है। इसके बावजूद शुक्रवार को चैंपियन समर्थकों ने रंगमहल के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत का पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री की शह पर पूरा बवाल भड़काया है। इसी साजिश के तहत रंगमहल पर तोड़फोड़ और आगजनी की गई। आरोप लगाया कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह और क्षेत्र के तेल माफिया ने पूरा बवाल कराया है। प्रदर्शन करने वालों में शेर अली, मनोज त्यागी, संदीप सैनी, भीम सिंह, नवनीत, मांगा, संजय अग्रवाल, राव फुरकान, इस्लाम आदि शामिल रहे।
बाद में पहुंचे अफसर, नोंकझोंक
मुख्यमंत्री का पुतला फुंकने के बाद एसडीएम भगवानपुर मनीष कुमार, सीओ नरेंद्र नगर विनोद दत्त बड़थ्वाल, मंगलौर कोतवाली प्रभारी उत्तम सिंह जिम्मीवाल पुलिस फोर्स सहित रंग महल पहुंचे। हालांकि उन्होंने पुतला फूंकने की बाबत कोई जानकारी समर्थकों से नहीं जुटाई। लेकिन चैंपियन के ताऊ पर दर्ज मुकदमे को लेकर समर्थकों की नोंकझोंक हुई। नरेश त्यागी ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र की जगह भीड़तंत्र कायम किया जा रहा है और अफसर झूठे मुकदमे दर्ज कर रहे हैं। इस पर एसडीएम और इंस्पेक्टर ने समझाने का प्रयास करते हुए कहा कि जांच जारी है। किसी के साथ भी गलत नहीं किया जाएगा।
समर्थकों को लौटाने पर हुई तू-तू मैं-मैं
बवाल के तीसरे दिन चैंपियन के कुछ समुदाय विशेष के समर्थक रंग महल पहुंचे। रंगमहल में पहले से मौजूद कुछ समर्थक उनसे हाल चाल पूछकर अंदर ले गए। जबकि कुछ समर्थकों ने ऐतराज जताते हुए उन्हें वापस जाने के लिए कहा। आपत्ति देखकर समर्थक वापस लौट गए। इसके बाद पहले से मौजूद दो समर्थकों के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। एक समर्थक का कहना था हमें समुदाय विशेष के समर्थकों की जरूरत नहीं हैं। जबकि दूसरे समर्थक का कहना था कि आने वालों का सत्कार जरूरी है।
बवाल की निंदा
बुग्गावाला। थाना क्षेत्र के बंदरजूड़ गांव में एकत्रित हुए लोगों ने लंढौरा में हुए बवाल की निंदा की। साथ ही क्षेत्र में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सभी धर्मों की भावनाओं के सम्मान का आह्वान किया। बैठक का संचालन इलियास ने किया। इस मौके पर मो. कलीम, मो. सलीम, रिजवान, यशपाल, रामेशवर प्रसाद, शंभू सिंह, मगरूब, इसरार, राजकिशोर, सुरेन्दर सिंह आदि मौजूद रहे।
न्यायिक जांच हो
रुड़की। रामनगर स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान मदन कौशिक ने कहा कि लंढौरा में हुए बवाल के बाद भाजपा प्रदेश हाईकमान ने उन्हें विधायकों के साथ लंढौरा जाकर हालात का जायजा लेकर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन इससे पहले ही शातंरशाह में विधायकों को रोक दिया गया। आरोप लगाया कि कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायकों का राज्य सरकार तरह-तरह से उत्पीड़न कर रही है। किसी को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है तो किसी के घर में आग लगवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि चैंपियन के रंगमहल में बवालियों ने पुलिस-प्रशासन के सामने ही आगजनी की। लेकिन अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने कहा कि हरीश रावत सरकार को इसका जवाब देना होगा कि तीन घंटे तक पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने मामले की न्यायिक या फिर सीबीआई जांच की मांग उठाई। इस मौके पर पूर्व विधायक और भाजपा नेता प्रदीप बत्रा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मयंक गुप्ता, जिलाध्यक्ष कल्पना सैनी, नगर अध्यक्ष सौरभ गुप्ता, भाजपा पार्षद प्रद्युमन आदि उपस्थित थे।