चार दिन बाद नगर निगम ने कर्मचारियों को मना लिया। इसी के साथ कूड़ा उठान शुरू कर दिया गया है। एक दिन पहले विधायक उमेश कुमार ने कर्मचारियों के साथ बैठक की थी। वहीं शनिवार को राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल भी कर्मचारियों के बीच पहुंचे और बीच का रास्ता निकालकर कूड़ा उठान शुरू करने की अपील की। इसके बाद मेयर और नगर आयुक्त के साथ अंतिम दौर की बैठक में कर्मचारी काम पर लौटने को राजी हो गए।
गौरतलब है कि कंपनी के अंतर्गत काम नहीं करने, वेतन बढ़ाए जाने, मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने समेत विभिन्न मांगों के लिए कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। चार दिन चली हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए और सफाई व्यवस्था चरमरा गई। कर्मचारियों को कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर समर्थन दिया था। शनिवार को सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल की मेयर और अधिकारियों के साथ अंतिम दौर की बैठक हुई।
लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई और कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया। मेयर अनीता अग्रवाल और प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर निगम परिवार का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी अपना काम करती रहेगी। हालांकि, निगम कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न या अभद्रता होने पर नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ बातचीत के बाद सहमति बन गई है। कर्मचारियों की जो मांगें शासन स्तर से संबंधित हैं उन्हें शासन को भेज दिया गया है। हड़ताल समाप्त होने के बाद अब शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है। उधर, मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल ने बताया कि सफाई व्यवस्था के मद्देनजर रविवार को कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त की गई है ताकि सभी जगह सफाई का काम पूरा हाे सके।