पंजाब नेशनल बैंक की मेन ब्रांच से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 95 लाख का लोन लेने का मामला सामने आया है। यह रकम दिल्ली की एक फर्म के खाते में ट्रांसफर की गई है। धोखाधड़ी से बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई। सहायक महाप्रबंधक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ धोखाधाड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
बीटीगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के सहायक महाप्रबंधक हरीश गुप्ता ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कुछ महीने पूर्व भगवानपुर इंडस्ट्रियल एरिया में सिकंदरपुर भैंसवाल स्थित मैसर्स चंदा सेफ्टी ग्लास की ओर से लोन के लिए आवेदन किया गया था। दस्तावेज मांगने के बाद बैंक की तरफ से कागजी प्रक्रिया पूरी की गई थी।
लोन लेने वाले नूतन कुमार चंदा और सौरभ गौड़ ने 96 लाख रुपये की डिमांड की थी। सहायक महाप्रबंधक ने बताया कि अक्तूबर 2019 में बैंक अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तो वहां न कोई फर्म मिली और न मशीन। बैंक ने दोनों से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि मशीन बाहर से मंगाई है।
जल्द मशीन आने के बाद कारोबार शुरू किया जाएगा। मामला संदिग्ध होने पर फर्म की कोटेशन की जांच कराई गई। पता चला कि फर्म की कोटेशन जारी करने वाली कंपनी नूतन चंदा के बेटे के नाम पर है। आरोप है कि 29 जून को 36 लाख, चार जुलाई को नौ लाख सात हजार, पांच सितंबर को 2019 को नौ लाख सात हजार और 41 लाख 75 हजार निकाले हैं।
इसके बाद यह रकम दिल्ली की एक फर्म के खाते में ट्रांसफर की गई है। आरोप है कि कोटेशन जारी करने वाली कंपनी के साथ मिलीभगत कर उक्त लोगों ने बैंक से धोखाधड़ी की है। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि सौरभ गौड़ व नूतन कुमार चंदा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।