उच्चशिक्षा के कॉलेजों में छात्रवृत्ति घोटाला करने वाले कॉलेज अभी पकड़ में भी नहीं आ पाए हैं कि फिर से दूसरे घोटाले की बू आने लगी है, क्योंकि सत्यापन के दौरान कॉलेजों में छात्रवृत्ति के जरूरी दस्तावेज ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग की ओर से बांटे जाने वाली उच्चशिक्षा की छात्रवृत्ति में बड़ा घोटाला सामने आया था। घोटाले के दौरान कई निजी कॉलेजों की तरफ अंगुलियां उठी थीं, लेकिन अभी तक सरकारी पैसे को समाज कल्याण विभाग की मिलीभगत से ठिकाने लगाने वाले कॉलेजों का नाम सामने नहीं आ सका है। जिससे आरोपी छात्रवृत्ति के असल माफिया गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन अब फिर से छात्रवृत्ति का एक और नया घोटाला सामने आने की आशंका पैदा होने लगी है। दरअसल, स्कूल-कॉलेजों की ओर से 11 से लेकर ऊपर तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किए गए ैं, छात्रवृत्ति देने के लिए विभाग की ओर से आवेदन करने वाले छात्रों का सत्यापन किया जा रहा है। जिसमें रुड़की ब्लॉक की ओर से भी अपने क्षेत्र में आने वाले कॉलेजों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है, लेकिन सत्यापन के दौरान कॉलेजों में छात्रों के आवेदनों के मूल दस्तावेज नहीं मिल रहे हैं।
बीडीओ मनविंदर कौर के निर्देश पर एक सरकारी कॉलेज की जांच करने पहुंचे एबीडीओ शिवकुमार गुप्ता को छात्रवृत्ति के आवश्यक दस्तावेज, जैसे आय प्रमाण, जाति एवं स्थाई निवास प्रमाण समेत आदि ही नहीं मिल पाए। जिस पर एबीडीओ खाली हो हाथ लौट आए। उन्होंने बताया कि यह हाल सरकारी स्कूलों का है, निजी स्कूलों में क्या होगा यह बड़ी सोचनी वाली बात है।