वीकेंड पर बाहरी प्रदेशों से देवभूमि में आने वाले सैलानियों के वाहनों का नारसन बॉर्डर पर रेला उमड़ पड़ा। इससे बॉर्डर पर रुक-रुककर जाम लगता रहा। जाम में फंसकर वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। इस बीच बॉर्डर पर पुलिस और होमगार्ड के जवान मुस्तैद रहे। भीषण गर्मी में भी जवान यातायात सुचारु रखने में लगे रहे।
चारधाम यात्रा, वीकेंड व ग्रीष्मकालीन अवकाश में नारसन बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन बड़ी संख्या में सुबह से ही से गुजरने लगे। 10 बजे के बाद वाहनों की भीड़ में इजाफा हुआ। भीड़ को देखते हुए बॉर्डर पर तैनात सिपाही और होमगार्ड के जवान मुस्तैद हो गए लेकिन दोपहर तक वाहनों का रेला उमड़ पड़ा। इससे बॉर्डर पर कई बार जाम लगा।
पुलिस की मुस्तैदी के चलते जाम ज्यादा देर तक नहीं लगा। हालांकि, वाहन जाम में फंसकर रेंग-रेंगकर आगे बढ़ते रहे। जाम और भीषण गर्मी के चलते सैलानियों के पसीने छूट गए। उधर, वीकेंड पर सैलानियों की भीड़ को देखतेे हुए सुबह 10 बजे से पहले ही भारी वाहनों को नारसन बॉर्डर पर ही रोक दिया गया। हाईवे किनारे खड़े भारी वाहनों की वजह से भी जाम के हालात बनते रहे।
नगला इमरती बाईपास पर रहा जाम
नगला इमरती बाईपास के पास भी दिनभर जाम लगता रहा। इस बीच बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया। वाहनों को नगला इमरती से लक्सर से होते हुए हरिद्वार की ओर गुजारा गया। इससे लक्सर के पास बहादरपुर रेलवे फाटक पर भी दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।