उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन ने केंद्र सरकार के औद्योगिक श्रम संहिता कानून को श्रमिकों के हितों के खिलाफ बताया है। यूनियन से जुड़े रेलकर्मियों ने कानून के विरोध और अपनी मांगों को लेकर लक्सर में प्रदर्शन किया।
यूआरएमयू के केंद्रीय पदाधिकारियों के आह्वान पर लक्सर शाखा इकाई कार्यालय पर आयोजित गेट मीटिंग में शाखा अध्यक्ष मोहम्मद सुभान खान ने कहा कि सरकार ने 26 श्रम कानूनों को रद्द कर औद्योगिक श्रम संहिता कानून बनाकर श्रमिकों के हितों का हनन किया है। नए कानून में यूनियन को मान्यता देने के लिए 51 फीसदी वोटिंग को अनिवार्य किया जा रहा है। रेलवे कर्मचारी यूनियन इसका पुरजोर विरोध करती है।
शाखा सचिव नरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा कर रही है। नए श्रम कानूनों को वापस नहीं लिए जाने पर कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों के हित में नहीं है। सरकार को नई पेंशन योजना वापस लेकर पुरानी पेंशन योजना लागू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूनियन कर्मचारियों के हितों के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। इस दौरान मुनेश कुमार, सगीर अली, प्रदीप कुमार, अरविंद कुमार, महताब, इंतजार हुसैन, प्रशांत राजपूत, सुनील कुमार, अजमत खान, लालचंद सहित यूनियन से जुड़े रेलकर्मी मौजूद रहे।