नगर में मंगलवार को पीपुल्स यूथ फ्रंट (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक) की युवा इकाई ने मजदूरों के शोषण, न्यूनतम वेतन और नागरिक अधिकारों के हनन के विरोध में प्रदर्शन कर उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम अलग-अलग ज्ञापन देकर श्रमिकों और आमजन से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की है। कार्यकर्ताओं की एक रैली नगर निगम पुल, सिविल लाइंस बाजार से होकर तहसील पहुंची।
संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन श्रम कानूनों की अनदेखी कर रहे हैं जिससे मजदूरों का लगातार शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि लिविंग वेज की बात होने के बावजूद मजदूरों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। कई निजी संस्थानों में कर्मचारियों से 12 से 16 घंटे तक काम कराया जा रहा है जबकि भविष्य निधि और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है।
इस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तहसील पहुंचे व ज्ञापन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी. ललित कुमार समेत अन्य कार्यकर्ताओं पर की गई जिला बदर जैसी कार्रवाई को नागरिक अधिकारों का हनन बताया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने षड्यंत्र के तहत यह कार्रवाई की है। पदाधिकारियों ने कहा कि मजदूरों और शोषितों की आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इंजी. ललित कुमार के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान अनुज गौड़, अनिल कुमार, सोनू, समीर, ललित, रोहित समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।