आरटीई को लेकर प्राइवेट स्कूल संवेदनशील नहीं हैं। आलम यह है कि बार-बार कहने के बाद भी 884 में से मात्र 78 स्कूलों ने ही आरटीई के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने 25 जनवरी तक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराने को कहा है। यदि ऐसा नहीं होता है तो स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही उप शिक्षाधिकारियों के वेतन पर भी रोक लगाने की चेतावनी दी गई है।
आरटीई की ओर से प्रत्येक प्राइवेट स्कूल में 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इसके लिए प्रत्येक वर्ष प्राइवेट स्कूलों को आरटीई के पोर्टल पर रजिस्टेशन कराना होता है। पिछले दिनों शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को आदेश जारी किए थे कि वे आरटीई के पोर्टल पर रजिस्टेशन करें, लेकिन विभाग के इस आदेश को लेकर प्राइवेट स्कूल संवेदनशील नजर नहीं आ रहे हैं। आलम यह है कि अभी तक जिले के 884 प्राइवेट स्कूलों में से 78 प्राइवेट स्कूलों ने पोर्टल रजिस्टेशन कराया है, जबकि अंतिम तिथि 25 जनवरी है। अब जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने चेतावनी जारी की है कि जो भी स्कूल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन को लेकर उप शिक्षाधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। जिस ब्लॉक में प्राइवेट स्कूलों द्वारा रजिस्टेशन नहीं किया जाएगा तो संबंधित ब्लॉक के उप शिक्षाधिकारी के वेतन पर रोक लगाई जाएगी।
----------------------------
884 में से मात्र 78 प्राइवेट स्कूलों द्वारा ही पोर्टल में रजिस्टेशन किया गया है। जो बेहद गंभीर विषय है। स्कूलों को चेतावनी दी गई है कि वे 25 जनवरी तक पोर्टल रजिस्ट्रेशन कराएं। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उप शिक्षाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है।
-ब्रह्मपाल सिंह सैनी, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक, हरिद्वार
---------------------------
क्या है ब्लॉकवार स्थिति
ब्लॉक का नाम कुल स्कूल रजिस्टेशन करने वाले स्कूल
बहादराबाद 286 42
भगवानपुर 114 6
खानपुर 24 13
लक्सर 109 4
रुड़की 199 1 1
नारसन 152 2