गर्भवती की ऑपरेशन के बीच मौत होने के मामले में पुलिस ने निजी अस्पताल के डॉक्टर समेत स्टाफ के पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उपनिरीक्षक नवीन कुमार को मामले की जांच सौंप दी गई है।
गंगनहर कोतवाली को गांव उग्रांहू गागलहेड़ी जिला सहारनपुर निवासी रवींद्र ने तहरीर देकर बताया कि वह भगवानपुर की एक कंपनी में नौकरी करता है। परिवार के साथ भगवानपुर में किराए के मकान में रह रहा है। 19 नवंबर 2024 को सुबह 8:00 बजे पत्नी गर्भवती अवस्था में डायमंड मेडिकल सेंटर लाई गई थी। वहां पर उन्होंने 25 हजार रुपये जमा कराए गए थे।
डॉक्टरों ने आश्वासन दिया था कि पत्नी का प्रसव सकुशल हो जाएगा और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित व स्वस्थ होंगे। आरोप है कि इस बीच पत्नी की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई लेकिन चिकित्सकों ने यह बात परिवार को बताने के बजाय पत्नी को मृत अवस्था में गुपचुप तरीके से एंबुलेंस बुलाकर वहां से हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी कर ली थी।
इस बीच पत्नी के बेसुध होने पर परिवार को आभास हो गया था कि उपचार के बीच गर्भवती की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिवार के लोगों का भी गुस्सा अस्पताल के चिकित्सकों पर फूटा था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। इंस्पेक्टर ऐश्वर्य पाल ने बताया कि पुलिस ने डायमंड मेडिकल सेंटर के संचालक, डॉ. अमजद, डॉ. यश कथूरिया, डॉ. शिवम शर्मा और डॉ. श्वेता समेत अन्य स्टाफ निवासी रुड़की के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।