फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि ने मांगी चौथ, तीन दबोचे

Tue, 02 Feb 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की। हत्या और चौथ वसूली के आरोप में हरिद्वार जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि जेल से चौथ वसूली का धंधा अभी भी चलाए हुए है। उसने अपने साथियों की मदद से शहर के एक पेट्रोल पंप कारोबारी से 20 लाख रुपये चौथ की मांग की। इस मामले में पुलिस और एसओजी ने दो बदमाशों समेत फर्जी आईडी पर सिम मुहैया कराने वाले एक व्यक्ति को भी दबोच लिया। मंगलवार को गंगनहर कोतवाली में एसपी देहात प्रमेन्द्र डोबाल ने चौथ वसूली के मामले का पर्दाफाश किया।
विज्ञापन

शहर के एक पेट्रोल पंप कारोबारी से फोन के जरिए हरिद्वार जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि के नाम से 20 लाख रुपये की चौथ की मांग की गई। रकम न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई। आला अधिकारियों के निर्देश पर गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल, एसओजी प्रभारी हरपाल सिंह, पुरानी तहसील चौकी प्रभारी रणवीर सिंह चौहान समेत एक टीम ने सर्विलांस व मुखबिर तंत्र की मदद से छानबीन कर शान मोहम्मद निवासी माधोपुर, मेहरबान कुरैशी निवासी खालापार मुजफ्फरनगर, हाल निवासी झबरेड़ा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि प्रवीण वाल्मीकि के कहने पर मेहरबान ने अपने साथी शान मोहम्मद के साथ मिलकर पेट्रोल पंप कारोबारी से 20 लाख की चौथ मांगी थी। फोन करने के लिए सिम वेरीफिकेशन का काम करने वाले राहुल वर्मा निवासी बीएसएनएल एक्सचेंज भगवानपुर से फर्जी आईडी पर सिम खरीदा गया था। टीम ने राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया। सीओ रुड़की कुलदीप असवाल ने बताया कि जेल से प्रवीण वाल्मीकि को जल्द रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन


खुलासा करने वाली टीम में ये रहे शामिल
चौथ वसूली का खुलासा करने वाली टीम में गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल, एसओजी प्रभारी हरपाल सिंह, एसएसआई अमर चंद्र शर्मा, पुरानी तहसील चौकी प्रभारी रणवीर सिंह चौहान, कांस्टेबल सोनू कुमार, ध्वजवीर सिंह, इसरार अली, दिनेश पंवार, अरविंद पयाल, एसओजी सिपाही चंद्रशेखर व आशुतोष भी शामिल रहे।

प्रवीण वाल्मीकि से जेल में हुई थी मुलाकात
एसपी देहात प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि बलात्कार के मामले में मेहरबान को 10 साल की सजा हुई थी। तीन साल पहले ही वह सजा काटकर लौटा है। जेल में बंद रहने के दौरान ही उसकी मुलाकात प्रवीण वाल्मीकि से हुई थी। मुकदमों की पैरवी में रुपयों की जरूरत पड़ने प्रवीण ने अब मेहरबान के मार्फत चौथ वसूली की योजना बनाई थी।

अगले महीने होनी थी मेहरबानी की शादी
पुलिस के मुताबिक मेहरबान की अगले महीने शादी होनी थी। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थी। इसी कारण उसे भी रुपयों की जरूरत थी। बताया जा रह है कि प्रवीण वाल्मीकि ने पेट्रोल पंप कारोबारी से चौथ मिलने पर अच्छा खासा हिस्सा देने की बात भी तय की थी। लालच में आने पर उसने शान मोहम्मद को भी अपने साथ मिला लिया।

परिजन और ग्रामीण रहे मौजूद
गंगनहर कोतवाली में खुलासे के दौरान शान मोहम्मद के परिजन व ग्रामीण बाहर मौजूद रहे। उनका कहना था कि मेहरबान ने मोबाइल फोन इस्तेमाल कर उनके बेटे को फंसाया है।

बसंत हत्याकांड के खुलासे में मिलेगी मदद
नगर निगम के सफाई नायक बसंत कुमार की 25 जनवरी को हुई हत्या में प्रवीण वाल्मीकि का नाम लगातार उछल रहा है। प्रवीण और बसंत के घर आस पास होने के कारण हत्या के पीछे कई तरह की चर्चाएं भी आम हैं। पुलिस का मानना है कि चौथ वसूली में प्रवीण वाल्मीकि के गुर्गे पकड़े जाने से बसंत हत्याकांड के खुलासे में भी मदद मिलेगी। खुद एसपी देहात प्रमेन्द्र डोबाल ने उम्मीद जताई कि बसंत हत्याकांड का खुलासा कभी भी हो सकता है।

20 लाख के लिए 200 में खरीदा सिम
प्रवीण वाल्मीकि के इशारे पर 20 लाख की चौथ मांगने के लिए मेहरबान और शान मोहम्मद को फर्जी आईडी के सिम की तलाश थी। उन्होंने मोबाइल की दुकानों से सिम के लिए आईडी लेकर सत्यापन करने वाले राहुल वर्मा से संपर्क साधा। राहुल ने विक्रांत की आईडी पर सिम एक्टिवेट कर महज 200 रुपये में उन्हें दे दिया। इसके बाद मेहरबान ने रवि तोमर के नाम से फोन कर चौथ मांगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें