रुड़की। हाईकोर्ट ने सरकार और याचिकाकर्ता पूर्व मेयर का पक्ष सुनने के बाद पाड़ली गुर्जर और रामपुर को लेकर सोमवार तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है। पूर्व मेयर ने बताया कि अब हाईकोर्ट इस मामले में सोमवार को फैसला सुनाएगा।
कांग्रेस सरकार की ओर से पाड़ली गुर्जर और रामपुर नगर निगम क्षेत्र में शामिल किया गया था। 2017 में भाजपा सरकार ने दोनों क्षेत्रों को बाहर कर तीन अन्य क्षेत्रों को निगम में जोड़ दिया था। पाड़ली गुर्जर और रामपुर को बाहर किए जाने के खिलाफ पूर्व मेयर यशपाल राणा और अन्य लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद एक साल से अधिक समय में मेयर की जगह प्रशासक नियुक्त हैं। हाईकोर्ट से फैसला न आने के कारण नगर निगम के चुनाव नहीं हो पा रहे हैं। पिछले दिनों पूर्व मेयर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने दोनों गांवों को बाहर करते हुए चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। इसी बीच पूर्व मेयर ने फिर से सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया और बताया कि प्रदेश सरकार दोनों गांवों को बाहर करते हुए चुनावी तैयारी कर रही है। पूर्व मेयर यशपाल राणा ने बताया कि दोनों गांवों को निगम में शामिल करने के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई थी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सोमवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। अब पाड़ली गुर्जर और रामपुर को लेकर सोमवार को फैसला आएगा।