मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूचियों से नाम हटाने के लिए नियमों के विरुद्ध जाकर आपत्तियां दर्ज कराने का मामला सामने आया है। एक ही व्यक्ति की ओर से बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के वोट पर आपत्ति जताए जाने पर विधायक काजी निजामुद्दीन ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उन्होंने सुबह चुनाव आयोग की वेबसाइट से फॉर्म-10 डाउनलोड किया जिसमें बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों के मुताबिक किसी भी राजनीतिक दल का बूथ लेवल एजेंट ही मतदाता सूची में नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकता है लेकिन मंगलौर में एक ही दिन में बूथ नंबर-1 पर ‘मांगेराम’ नामक व्यक्ति की ओर से 29 लोगों के नाम पर गलत तरीके से आपत्तियां दर्ज करा दी गईं।
खास बात यह है कि जिन लोगों के नाम पर आपत्ति दर्ज की गई हैं वे सभी अपने मोहल्ले में ही मौजूद हैं। विधायक ने बताया कि अकेले मंगलौर क्षेत्र में एक ही दिन के भीतर 152 लोगों के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इन आपत्तियों को दर्ज कराने वाले व्यक्तियों का अता-पता और कोई पुख्ता जानकारी किसी के पास नहीं है। इसी तरह ‘अमन पाल’ नामक व्यक्ति की ओर से भी नियमों को ताक पर रखकर गलत तरीके से आपत्तियां दर्ज कराने का मामला सामने आया है।
विधायक काजी निजामुद्दीन ने इस पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए चुनाव आयोग से मांग की कि गलत और फर्जी तरीके से मतदाताओं के वोट पर आपत्ति दर्ज कराने वालों की तुरंत पहचान की जाए।