लुटेरे गिरोह का पर्दाफाशशहर व देहात समेत यूपी में लूट की ताबड़तोड़ वारदात को अंजाम दे चुके चार बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बदमाश शहर की डिफेंस कालोनी में डकैती की योजना बना रहे थे। पूछताछ में उन्होंने शहर की तीन लूट के अलावा मंगलौर, झबरेड़ा, छपार और देवबंद में की गई वारदात भी कुबूल की। सीओ स्वप्न किशोर सिंह ने सिविल लाइंस कोतवाली में गिरोह का पर्दाफाश कर लूटपाट की कई घटनाओं का खुलासा किया।
शहर में पिछले पांच महीनों में लूट की करीब आधा दर्जन वारदात हुईं। सीओ एसके सिंह के मुताबिक बुधवार देर रात सिविल लाइंस कोतवाली के उपनिरीक्षक राकेश चंद्र भट्ट टीम सहित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से डिफेंस कालोनी में कुछ बदमाशों के डकैती की योजना बनाने की सूचना मिली। इस पर टीम ने एक निर्माणाधीन मकान में रात करीब ढाई बजे दबिश दी और चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। कब्जे से तीन बाइक, दो तमंचे मय कारतूस और दो चाकू बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम निप्पल उर्फ छोटा व धनेश्वर उर्फ तोता, दीपक और रवि निवासीगण ग्राम ब्रह्मपुर जट, मंगलौर हरिद्वार बताया। खुलासे के दौरान सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि बदमाशों का एक साथी अभी फरार है। उसे भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस दौरान गंगनहर कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल भी मौजूद रहे।
आरोपियों ने कुबूली ये घटनाएं
आरोपियों ने 13 जनवरी को राजेंद्र नगर में गैस एजेंसी मैनेजर सतीश यादव से 70 हजार की लूट, आजादनगर चौक पर 27 फरवरी को गीतांजलि ज्वैलर्स के मैनेजर अमित सैनी से 80 हजार रुपये, 24 फरवरी को ढंढेरा के कीर्तिनगर में रिटायर्ड फौजी से एक लाख की लूट, रुड़की टाकीज तिराहे पर 11 अप्रैल को शराब कारोबारी से डेढ़ लाख की लूट की वारदात कुबूल की। साथ ही मंगलौर, झबरेड़ा के अलावा छपार मुजफ्फरनगर में 75 हजार रुपये और देवबंद में सिनेमा के पास 57 हजार रुपये की लूट की घटना भी स्वीकार की। सूचना पर देवबंद पुलिस की एक टीम एसआई इंद्रपाल मलिक के नेतृत्व में रुड़की पहुंची और बदमाशों से पूछताछ की।
पुलिस टीम को मिली शाबाशी
अंतर्राज्यीय लूट गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर एक साथ आधा दर्जन से ज्यादा घटनाओं का खुलासा करने वाली टीम को आला अधिकारियों ने शाबाशी दी है। टीम में सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई गोविंद कुमार, एसओजी प्रभारी हरपाल सिंह, उपनिरीक्षक राकेश चंद्र भट्ट, उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार, चेतक सिपाही अकबर अली, राहुल धानिक, विनोद कुमार, रविंद्र धस्माना, प्रवीण कुमार, एसओजी सिपाही जाकिर अली, चंद्रशेखर, आशुतोष तिवारी, महिपाल आदि शामिल रहे।
बैंक से पीछा करते थे बदमाश
पकड़े गए बदमाश बेहद शातिर किस्म के हैं। पुलिस के मुताबिक वह बैंकों के आसपास सक्रिय रहते थे। एक दो बदमाश ग्राहक बनकर लेनदेन के बहाने बैंक में रैकी करते थे और वहां से मोटी रकम लेकर निकलने के दौरान वह अपने साथियों को अलर्ट कर देते थे। इस तरह बदमाश लूट को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। 24 फरवरी को कीर्ति नगर निवासी रिटायर्ड फौजी से लूट को बदमाशों ने ऐसे ही अंजाम दिया था।
सगे भाई चला रहे थे पूरा गिरोह
सीओ स्वप्न किशोर सिंह और कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि चारों बदमाश इससे पहले बाइक चोरी व छोटी मोटी घटनाओं में जेल जा चुके हैं। मगर ताबड़तोड़ वारदातों के बावजूद लूट के मामले में वह अभी तक पकड़े नहीं गए। गिरोह की कमान दो सगेे भाई निप्पल उर्फ छोटा व धनेश्वर उर्फ तोता चला रहे थे।
पार्लर लूटकांड में देवबंद गई टीम
रुड़की। सिविल लाइंस में आइसक्रीम पार्लर पर हुई लूट में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं जिनके आधार पर एक टीम देवबंद भेजी गई है। जल्द ही पार्लर लूट का खुलासा होने के आसार हैं। एसएसआई गोविंद कुमार ने बताया कि पार्लर लूट में संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जल्द ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा।