भगवानपुर। सिसौना के पास एक फार्मा कंपनी में बृहस्पतिवार को ड्रग इंस्पेक्टर ने छापा मारा। यहां अधोमानक दवाएं बनती मिलीं, जिस पर दवा उत्पादन रुकवा दिया गया। साथ ही, कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश भी की गई है। कंपनी में नकली दवाएं बनने की भी शिकायत थी, ऐसे में कुछ संदिग्ध दवाओं के सैंपल जांच के लिए लैब को भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
कई दिन से क्षेत्र में नामी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर नकली दवाएं बनने की शिकायत मिल रही थी। इस पर ड्रग इंस्पेक्टर एमएस राणा, डीआई नीरज कुमार आदि ने टीम ने साथ सिसौना के पास स्थित एक फार्मा कंपनी पर छापा मारा। टीम को छापे में कोई नकली दवा नहीं मिली। इसके बावजूद कुछ संदिग्ध दवाओं का सैंपल लेकर लैब में जांच को भेजा गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर एमएस राणा ने बताया कि फैक्ट्री में ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन होता पाया गया। इस पर फैक्टरी का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश करके उत्पादन भी बंद करा दिया गया है। फैक्टरी में कार्रवाई की सूचना के बाद आसपास में फैक्टरियों के संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
इनसेेट-
पहले भी सामने आ चुके कई मामले
नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर दवाओं का उत्पादन और उन्हें बाजार में उतारने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। शिवपुरम में भी एक मकान में नकली दवाएं बनाने वाली फैक्टरी का ड्रग विभाग ने भंडाफोड़ किया था। इसके अलावा भगवानपुर के रायपुर, नन्हेड़ा अनंतपुर, देवभूमि औद्योगिक क्षेत्र और सिकंदरपुर, सिसौना, खुब्बनपुर, करौंदी, पुहाना आदि जगहों पर कई बार बाहरी प्रदेशों की टीमें भी छापा मार चुकी हैं।