निजी स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन
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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का विरोध प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती मनमानी और शोषण के विरोध में विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठन विरोध में आ गए हैं। शनिवार को आप पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। अभिभाव संघ एवं आम नागरिक मंच की आरे से भी जेएम को स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया।
शनिवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जेएम कार्यालय पर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के विरोध में प्रदर्शन किया। अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष शारिक अफरोज ने कहा कि प्राइवेट स्कूल बुक स्टोर के साथ मिलकर किताबों में कमीशन ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों की आरे से निर्धारित दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है जिससे अभिभावकों को मोटी रकम चुकानी पड़ रही है।
ज्ञापन सौंपने वालों में नवीन मौर्या, मुकेश अग्रवाल, सिराज मेहंदी, मुमताज नकवी, महेंद्रपाल, ओपी मिश्रा, सुनीता चौधरी आदि मौजूद रहे। दूसरी ओर अभिभावक संघ रुड़की की ओर से स्कूलों की आरे से किए जा रहे शोषण के बारे में 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया जिसमें किताबों, कापियों, बस किराया आदि के नाम पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। उधर, आम नागरिक मंच ने भी जिलाधिकारी को प्रेषित करते हुए स्कूलों में किताबों आदि के नाम पर शोषण किए जाने का आरोप लगाया। इस दौरान मांग की गई कि सभी प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को शामिल किया जाए। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में अध्यक्ष दीपक कुमार लाखवान, विकास पैन्यूली, राजेश सेमवाल, विकास चौधरी, प्रदीप वर्मा, सतेंद्र, मोहित वेद, विजय शर्मा आदि मौजूद रहे।