हरिद्वार जिले के किसान प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना को लेकर रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आलम यह है कि 11 सितंबर तक महज 162 किसानों ने ही योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह योजना कृषि और एलआईसी द्वारा संयुक्त रूप से संचालित है।
16 अगस्त को कृषि निदेशालय की ओर से समस्त मुख्य कृषि अधिकारियों को प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की बाबत आदेश दिए गए थे, जिसमें 18 से 40 वर्ष आयु के लद्यु और सीमांत किसान को 60 वर्ष तक योजना के तहत पेंशन का अंशदान दिया जाना है। जो 55 से 200 रुपये प्रतिमाह तक होता है। यह किसान की आयु पर निर्भर करता है। 60 साल की उम्र पूरी होने केे बाद किसानों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। वहीं, मंत्री, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधियों, पेंशनधारक, वकील, डॉक्टर, इंजीनियर और सीए आदि को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। किसान सीएससी पहुंचकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। विभागीय अधिकारियों के आदेश मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी थी। कृषि विभाग के अधिकारियों ने ब्लॉक स्तर पर किसानों की गोष्ठी कराई और प्रधानमंत्री मानधन योजना के बारे में जानकारी दी। वहीं, योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक किया है, लेकिन इसके बाद भी किसान योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं दिखा रहे है।
11 सितंबर तक 162 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। किसानों को योजना के लाभ के लिए जागरूक किया जा रहा है।
- विकेश यादव, मुख्य कृषि विभाग, हरिद्वार