रामनगर में सीवरेज सफाई के बाद जलसंस्थान के कर्मी मौके पर ही मलबा छोड़कर चलते बने। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जब जलसंस्थान और नगर निगम की ओर से सफाई नहीं कराई गई तो शुक्रवार को लोगों ने स्वयं ही मलबा साफ कर दिया।
रामनगर क्षेत्र में सीवरेज और नाले चोक होने से क्षेत्रवासियों को कई दिनों तक फजीहत झेलनी पड़ी। जलसंस्थान के कर्मचारियों ने लगभग एक सप्ताह पहले पंपिंग सेट से नाले और सीवरेज की सफाई की। इसके बाद नालियों और सीवरेज से निकला मलबा मौके पर ही छोड़कर चलते बने। इसे हटाने के लिए क्षेत्रीय पार्षद पंकज सतीजा और अन्य लोगों ने कई बार जलसंस्थान के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्होंने संसाधन का अभाव बताते हुए मलबा उठाने से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद लोगों ने नगर निगम से भी गुहार लगाई, लेकिन निगम अधिकारियों ने जलसंस्थान का कार्य बताते हुए सफाई से इंकार कर दिया। ऐसे में परेशानी झेल रहे क्षेत्रवासियों ने शुक्रवार को स्वयं ही सफाई का बीड़ा उठाया और दोपहर में लगभग आठ-दस युवकों ने सफाई अभियान शुरू कर मलबा साफ कर दिया। क्षेत्रवासियों ने नालियों के किनारे जमे मलबे को मुख्य मार्ग पर स्थित बड़े कूड़ेदान में डाल दिया। सफाई अभियान में शामिल युवाओं में दीपक बत्रा, गौरव दुआ, दिव्यम चौहान, विशाल जैसिंह, दीपांशु त्यागी, जागेश वाल्मीकि, योगेश, आशीष आदि शामिल हैं।