अब सभी निजी स्कूलों के कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए संस्कृत अनिवार्य कर दी गई है। इस बाबत शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश जारी किए हैं। इसके बाद स्थानीय अधिकारी आदेश का पालन कराने में जुटे हैं।
यदि सरकारी स्कूलों की बात करें तो अब तक सरकारी स्कूलों में संस्कृत का ज्ञान बच्चों को दिया जा रहा है, लेकिन अधिकतर सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों में संस्कृत नहीं पढाई जा रही थी। इसे लेकर शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को कोई स्पष्ट निर्देश भी नहीं थे। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश जारी किए हैं कि सभी सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड से संबंध राजकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, वित्तविहीन सभी विद्यालयों में तीन से कक्षा आठ तक संस्कृत पढ़ाना अनिवार्य है। अधीनस्थों को तत्काल आदेश के पालन कराने को कहा गया हैं। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि आदेश मिले हैं। सभी उपशिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी भी किया गया है कि वह अपने-अपने विकास खंड में आदेश को लागू कराए। यदि कोई स्कूल आदेशों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्था की गई है।