रुड़की गणेशपुर स्थित दयालबाग कालोनी में लोगों को कंपोस्ट खाद्य बनाने की जानकारी देते नगर निगम क?
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अभी तक आईआईटी प्रशासन सालियर स्थित नगर निगम की जमीन में कूड़े का बिना पृथक्कीकरण किए और उसका खाद बनाए बिना ही डंप कर रहा था। इसे लेकर नगर निगम लगातार आपत्ति जता रहा था। इसके चलते बुधवार को आईआईटी के सैनेट्री इंस्पेक्टर ने अधीनस्थों के साथ नगर निगम में मुख्य नगर आयुक्त से मुलाकात की। इसमें मुख्य नगर आयुक्त ने आईआईटी के अधिकारियों को कूड़े की खाद बनाने के लिए निगम द्वारा प्रशिक्षण दिए जाने का आश्वासन दिया।
नगर निगम करीब चार माह से कूड़े का पृथक्कीकरण करने के बाद ही सालियर स्थित डंपिंग ग्राउंड में डाल रहा है। आईआईटी से निकलने वाला कूड़ा भी इसी मैदान में डाला जा रहा है। नगर निगम ने सालियर में गीले कूड़े के लिए गड्ढे खोदे हुए हैं। जबकि सूखे कूड़े को अलग करके एकत्रित किया जा रहा है। मगर आईआईटी इस मैदान में कूड़ा बिना पृथक्कीकरण करके डाल रहा था। इस पर मुख्य नगर आयुक्त ने आईआईटी प्रशासन को कूड़े के पृथक्कीकरण के बाद ही सालियर स्थित डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने को कहा था। इसी क्रम में बुधवार को आईआईटी के सैनेट्री इंस्पेक्टर ने अपनी टीम के साथ नगर निगम में मुख्य नगर आयुक्त नूपुर वर्मा से मुलाकात की। इसमें मुख्य नगर अधिकारी ने कहा कि कूड़े को पृथक्कीकरण के बाद ही डंपिंग ग्राउंड में डाला जाएगा। मुख्य नगर आयुक्त ने आईआईटी के सेनेक्ट्री इंस्पेक्टर को आश्वासन दिया कि नगर निगम अपनी तरफ से कंपोस्ट बनाने की जानकारी आईआईटी के कर्मचारियों को देगा।
दयालबाग में कंपोस्ट बनाने की दी जानकारी
रुड़की। दयालबाग कॉलोनी में नगर निगम की ओर से गीले कूड़े कंपोस्ट बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान नगर निगम के सेनेट्री इंस्पेक्टर मृदुल कुमार ने कॉलोनी वासियों को गीला कूड़ा अलग ड्रम में डालने का आह्वान किया। उन्होंने मोहल्लावासियों को बताया कि अपने घरों में कूड़े को दो अलग अलग डस्टबिन में रखें। उन्होंने बताया कि कंपोस्ट बनाने का काम एनजीओ की ओर से किया जाएगा। कंपोस्ट तैयार होने की बाद उससे बनी खाद को किसानों को दिया जाएगा। इस अवसर पर जेपी नागर, प्रेम सलूजा, विजय कुमार, मनोज, प्रीती, जीएस शर्मा आदि उपस्थित थे।