यदि आप वाया दिल्ली होकर देश के चुनिंदा 75 जिलों से ट्रेन के जरिए हरिद्वार पहुंच रहे हैं तो आपको घर जाने से पहले हरिद्वार में ही सात दिनों के लिए संस्थागत क्वारंटीन के लिए तैयार रहना होगा। इसलिए दिल्ली से ट्रेन में बैठने से पहले लोगों को इस बात के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा कि उन्हें सीधे घर नहीं भेजा जाएगा। हालांकि यह शर्त केवल चार जिलों में आने वाले प्रवासियों के लिए ही मान्य होगी।
गौरतलब है कि ट्रेनों से हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर पहुंच रहे यात्री संस्थागत क्वारंटीन किए जाने पर हंगामा कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है कि वे यह सोचकर ट्रेन में बैठे थे कि हरिद्वार से उन्हें उनके घर भेजा जाएगा। यात्री प्रशासन पर यह आरोप भी लगा रहे हैं कि उन्हें क्वारंटीन की बाबत सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। मामले में कोविड-19 में नोडल अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ट्रेन के जरिये देश भर के 75 जिलों से आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से हरिद्वार में संस्थागत क्वारंटीन करने के आदेश दिए हैं। इन लोगों को पहले सात दिन हरिद्वार में संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद घर लौटने पर 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। हालांकि यह व्यवस्था चार जिलों रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और हरिद्वार के लिए ही है। अन्य जिले के लोगों को सीधे उनके घर पर ही क्वारंटीन किया जाएगा।
यहां से आने वाले होंगे संस्थागत क्वारंटीन
चेन्नई, हैदराबाद, तिरुवल्लुर, कोलकाता, इंदौर, चेंगलपट्टू, साउथ ईस्ट दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, साउथ दिल्ली, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली, वेस्ट दिल्ली, शहादरा, ईस्ट दिल्ली, न्यू दिल्ली, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, आनंद, बनसकंठा, पंचमहल, भावनगर, गांधीनगर, अरावल्ली, मुंबई, पुणे, थाणे, नासिक, सोलापुर, यवतमाल, औरंगाबाद, सतारा, ढूले, अकोला, जलगांव, मुंबई सुबुरबन, आगरा, लखनऊ, सहारनपुर, कानपुर नगर, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, मेरठ, रायबरेली, वाराणसी, बिजनौर, अमरोहा, संत कबीर नगर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, रामपुर, मथुरा, अजमेर, भिलवाड़ा, बीकानेर, छत्तीसगढ़, डुंगरपुर, जयपुर, जालौर, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सवाल माधोपुर, सीकर, सिरोही और उदयपुर।