रुड़की शेर कोठी स्थित सेंट एंडूज चर्च में क्रिसमस के मौके पर आयोजित प्रार्थना सभा में भाग लेते श्
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बृहस्पतिवार की रात जैसे ही रात 12 बजे तो मसीह समाज के घरों में मेरी क्रिसमस गूंज उठा। मसीह समाज ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी और कैंडल जलाकर प्रभु यीशु की आराधना की। वहीं, चर्चों में कोरोना के चलते रात में होने वाली विशेष प्रार्थना में कम ही लोग पहुंचे। जबकि सुबह चर्चों में श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु की प्रार्थना की।
बृहस्पतिवार की रात शेर कोठी स्थित सेंट एंड्रयूज चर्च में विशेष प्रार्थना की। इस दौरान कोरोना के चलते कम ही लोग प्रार्थना में उपस्थित हुए। चर्च के इंचार्ज किशन मैसी ने बताया कि कोरोना के चलते रात में विशेष प्रार्थना हुई। जबकि शुक्रवार की सुबह 11:30 बजे चर्च में प्रभु यीशु की आराधना की गई। इस दौरान चर्च में कोविड गाइडलाइन का पालन किया गया। उन्होंने बताया कि कोरोना के चलते लोगों ने घर में ही क्रिसमस का त्योहार मनाया। वहीं, बृहस्पतिवार की रात मैथोडिस्ट चर्च में भी विशेष प्रार्थना हुई। सुबह दस से 11 और 11 से 12 बजे प्रार्थना की गई। इसमें श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। चर्च के शशि ने लोगों से प्रभु यीशु के संदेश पर चलने की बात कही। साथ ही प्रभु यीशु से कोरोना महामारी का खात्मा जल्द करने की प्रार्थना की। उधर, आरपी चर्च और सेक्रेट आर्ट चर्च में भी शुक्रवार की सुबह प्रार्थना की गई। कोविड गाइड लाइन का पालन करने हुए लोगों ने मास्क लगाकर प्रार्थना में भाग लिया। इस दौरान मसीह समाज के लोगों ने मिठाई खिलाकर क्रिसमस की बधाई दी।
बच्चे बने सांटा क्लॉज, बांटे उपहार
लक्सर। ईसाई समुदाय की ओर से शुक्रवार को क्रिसमस का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान चर्च को सुंदर ढंग से सजाया गया और विशेष प्रार्थना कराई गई।
लक्सर चर्च में क्रिसमस पर मेले का भी आयोजन किया गया। अपनी खूबसूरती और बनावट के लिए प्रसिद्ध चर्च को क्रिसमस के लिए कई दिन से सजाया जा रहा था। बिजली की झालरों से चर्च की खूबसूरती में चार चांद लग गए। क्रिसमस पर फादर ने विशेष प्रार्थना कराई। प्रार्थना के बाद फादर ने भगवान प्रभु यीशु का संदेश सुनाया और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर चर्च में स्थानीय बच्चे भी सांटा क्लॉज बनकर गए। उन्होंने भी अपनी झोली से बच्चों को खिलौने में टॉफिया बांटी। सांटा क्लॉज बनकर गए अभिनव शर्मा, कार्तिक व वासु, सौरभ आदि ने बताया कि वह कई दिन से सांटा क्लॉज बनने के लिए उत्साहित थे, अपने परिजनों के साथ जाकर बाजार से सांटा क्लॉज की ड्रेस खरीदी थी। उन्हें सांटा क्लॉज बनना बहुत अच्छा लगा। इस मौके पर फादर थरसीस, सिस्टर सौम्या व सचिन विश्वास आदि अनेक शामिल रहे।