यूपीआई के माध्यम से भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क (एमडीआर) लागू किए जाने की तैयारियों पर व्यापारियों ने निराशा जताई है। अधिकांश व्यापारी नई व्यवस्था से सहमत नहीं हैं। व्यापारियों का कहना है कि इसका प्रभाव डिजिटल भुगतान और कुछ हद तक उनके व्यापार पर भी पड़ेगा। खासतौर पर ऐसी वस्तुओं का व्यापार करने वाले कारोबारी जिनकी कीमत दो हजार से अधिक है। इससे खासे निराश नजर आ रहे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक वह पहले ही कम मार्जिन पर काम कर रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क उनके मार्जिन से वसूले जाने से उन्हें नुकसान उठाना होगा। इसका असर वस्तुओं की कीमत पर भी पड़ सकता है। कई व्यापारियों का मानना है कि इससे बाजार में कैश में भुगतान का चलन दोबारा बढ़ेगा।
व्यापारी महेश कुमार के अनुसार सरकार एक ओर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है वहीं दूसरी ओर डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना निराश करने वाला है। व्यापारी आशीष कुमार ने बताया कि दुकान पर आने वाले अधिकांश ग्राहक अब यूपीआई से भुगतान करने लगे हैं लेकिन अतिरिक्त शुल्क लगने पर उन्हें अब मजबूरन नकद में भुगतान लेना होगा।
व्यापारी ऋषभ का कहना है कि बाजार में कंपटीशन से मार्जिन पहले ही कम हो गया है। व्यापारी से अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने से नुकसान होगा। व्यापारी मोहित के अनुसार यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क भले दुकानदार को देना होगा लेकिन कहीं न कहीं इसका बोझ ग्राहक पर भी पड़ेगा।