स्वास्थ्य विभाग कई दिन तक लगा चुका है शिविर, फिर भी कम नहीं हुआ बुखार का प्रकोप
ग्रामीण बदहाल सफाई व्यवस्था को बता रहे कारण
कलियर के पास स्थित माजरी गांव संदिग्ध बुखार का हॉटस्पॉट बना हुआ है। हर दूसरे-तीसरे घर के लोग इस बुखार से पीड़ित हैं। किसी-किसी घर में तो पूरा परिवार ही बीमार है। बुखार के कारण ग्रामीण दहशत में हैं। उनका कहना है कि साफ-सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गांव में कई स्थानों पर पानी जमा है। इसमें मच्छर पैदा हो रहे हैं।
माजरी गांव में डेढ़ माह से संदिग्ध बुखार का प्रकोप है। कई मरीजों में डेंगू की भी पुष्टि हो चुकी है। पिछले दिनों अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाया था। शिविर के दौरान मरीजों के खून की जांच की गई थी। कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि भी हुई थी। उन्हें दवाएं भी दी गई थी लेकिन उसके बाद भी गांव में बुखार का प्रकोप कम नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि बुखार ने उनकी कमर तोड़ दी है। बुखार होने के चलते वो अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। कई ग्रामीण आर्थिक रूप से कमजोर हैं। वो प्राइवेट अस्पतालों में उपचार नहीं करा पा रहे हैं।
कोई अस्पताल में भर्ती, किसी का घर पर ही चल रहा उपचार
माजरी गांव निवासी रिपुदमन सैनी ने बताया कि उनकी पत्नी बुखार से पीड़ित है। उनकी माता श्यामो देवी एक दिन पहले ही आरोग्यम अस्पताल से लौटी हैं। दो साल का बच्चा भी बुखार से पीड़ित है। यही नहीं दादा भी बुखार से पीड़ित हैं। अंकित ने बताया कि उनकी पत्नी डेंगू से पीड़ित हैं। एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। इसके अलावा गांव के योगेंद्र सैनी, राजबाला सैनी, विनोद सैनी, अंकुर सैनी, कुसुम, रेशु सैनी, चंदा सैनी, अनुज सैनी, विमला देवी, ऋतु सैनी, अंजू सैनी आदि की तो डेंगू की रैपिड जांच पॉजिटिव आई है। इनका उपचार रुड़की व आसपास के अस्पतालों में चल रहा है। गांव के वंश सैनी, उज्वल सैनी, दीपक कुमार, विकास सैनी, सन्नी, उर्मिला, लता देवी, नवीन, स्वाति, राजवीर, जयपाल समेत अनेक ग्रामीण संदिग्ध बुखार से पीड़ित हैं। उनकी जांच नहीं हुई है।
गांव में जगह-जगह भरा है पानी
गांव में बुखार का प्रकोप है। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जगह-जगह पानी भरा है जिसमें मच्छर पैदा हो रहे हैं। कोई भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। दवाओं का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है जिससे डेंगू का प्रकोप गांव में बढ़ रहा है।
माजरी गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। मरीजों के खून के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाएगी। साथ ही मरीजों का उपचार कराया जाएगा। कोई भी मरीज बिना विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह पर दवा न ले। सरकारी अस्पताल में उपचार की पूरी व्यवस्था है। वहां जाकर अपना उपचार कराएं। -डॉ. मनीष दत्त, सीएमओ, हरिद्वार