एक दिन पहले एम्स में भर्ती कर्मचारी की हो गई है मौत
करीब एक सप्ताह पहले रामनगर स्थित पिटकुल के 132 केवी बिजलीघर पर काम करते हुए संविदा कर्मचारी को करंट लगने के मामले में जेई को प्रथम दृष्टया निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। वहीं इलाज के दौरान कर्मचारी की मौत हो गई है।
29 अगस्त को गोल्ड प्लस स्विचिंग सबस्टेशन में लाइन की मरम्मत के लिए रुड़की रामनगर स्थित 132केवी बिजलीघर से रुड़की-लक्सर लाइन का शटडाउन लिया गया था। शटडाउन के दौरान इसी लाइन पर एक संविदा कर्मचारी काम कर रहा था। करंट लगने सविह झुलस गया। आननफानन मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कर्मचारी को एम्स में भर्ती कराया। वहां दो दिन पहले जांच के दौरान उक्त कर्मचारी की मौत हो गई। घटना के दौरान मौके पर जेई सुमित सैनी मौके पर ही मौजूद थे। प्रथम दृष्टया जेई को ही आरोपी माना गया है। मामले की जानकारी होने पर पिटकुल के एमडी पीसी ध्यानी ने जेई को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। पिटकुल के एससी एके सिंह ने बताया कि जेई को निलंबित करने के साथ ही गठित की गई कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। यह कमेटी जहां एक ओर पूरे मामले की जांच करेगी, वहीं इस बात की भी जांच करेगी बिजलीघर में इस प्रकार की घटना किसी भी स्थिति में न हो पाए ताकि किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की जान न जाए। इसके साथ ही विभाग के इंस्पेक्टर को भी जांच सौंप दी गई है।
मृतक के परिजनों को एक महीने में मुआवजा देने का आश्वासन
एम्स में भर्ती संविदा कर्मचारी की मौत के साथ ही विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। एससी एके सिंह के अनुसार विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा भी विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी आपस में धन एकत्र करके कर्मचारी के परिवार की मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि पूरी रकम एक महीने के अंदर परिवार को मिल जाएगी ताकि उन्हें जीवन यापन करने में कोई दिक्कत न हो।