पंचायत चुनाव में लगातार हार का सामना कर रहे देशराज कर्णवाल इस बार भाजपा के विधायक बन गए। उन्होंने इस बार बसपा को तीसरे स्थान पर पहुंचाकर पत्नी की हार का भी बदला ले लिया। जबकि राजपाल फिर से दूसरे स्थान पर अटक गए हैं।
झबरेड़ा सीट से इस बार विजयी हुए भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल पिछले दो पंचायत चुनाव लगातार हार चुके हैं। वर्ष 2011 में उन्हें जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी वह मानकपुर आदमपुर सीट से चुनाव हार गए थे, लेकिन भाजपा ने देशराज कर्णवाल पर फिर विश्वास जताते हुए झबरेड़ा से टिकट दिया। इस बार वह पार्टी को झबरेड़ा सीट पर विधानसभा चुनाव में जीत दिलवाने में कामयाब रहे। वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं उनकी पत्नी भी बुरी तरह हार गई थी। इस बार उन्होंने बसपा से भी इसका बदला ले लिया।