लंढौरा।
एक सरकारी स्कूल के ब्लैकबोर्ड पर ‘आईएसआईएस जिंदाबाद’ लिखने के मामले में
एसएसपी ने चौकी प्रभारी से रिपोर्ट तलब की है। कस्बे में चंद माह पहले
सामने आई इस घटना को पुलिस और खुफिया एजेंसी गिरफ्तार युवकों से जोड़कर देख
रही है।
कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के लंढौरा कस्बे और आसपास के गांवों से
चार युवकों की अचानक आतंकी गतिविधियों में गिरफ्तारी से हर कोई हैरत में
हैं। लेकिन कस्बे में कुछ महीनों में ऐसी कई घटनाएं हुई जिन्हें बारीकी से
देखने पर यह माना जा सकता है कि सब कुछ अचानक नहीं हुआ है। नवंबर में
लंढौरा से सटे जैनपुर झंझेड़ी गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के
ब्लैकबोर्ड पर रात के समय किसी ने आईएसआईएस जिंदाबाद के नारे लिखे थे। अमर
उजाला ने चार नवंबर को इसका खुलासा करते हुए पुलिस व खुफिया विभाग को जगाने
का भी प्रयास किया। लेकिन संज्ञान में आने के बाद भी पुलिस ने इसे किसी
शरारती तत्व की करतूत मानकर गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद नवंबर में एक
दुकान की दीवार पर आईएसआईएस और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे गए थे। तब
भी पुलिस और खुफिया विभाग ने संजीदगी नहीं दिखाई। करीब आठ माह पहले
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान भी सनसनीखेज मामला सामने आया।
पाकिस्तान के मैच हारने के बाद लंढौरा रेलवे स्टेशन के पास शताब्दी
एक्सप्रेस पर फायरिंग कर गुस्से का इजहार किया गया था। चार युवकों की
गिरफ्तारी के बाद अब यह सारी घटनाएं पुलिस और स्थानीय खुफिया विभाग के लिए
जांच का विषय बन गई हैं। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने रविवार को
चौकी प्रभारी मदन मोहन भट्ट से मामले की पूरी जानकारी तलब की है। जांच
पड़ताल के दौरान स्कूल के आसपास के कई लोग पूछताछ के दायरे में आ सकते हैं।
परिजन आस लेकर फिर दिल्ली रवाना
लंढौरा।
गिरफ्तार युवकों के परिजन एक बार फिर आस लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए
हैं। उनका दावा है कि पकड़े गए युवक बेकसूर हैं। मेहराज और अजीम को कस्बे
में आईबी टीम के दोबारा लेकर पहुंचने पर परिजनों ने हंगामा भी काटा था।