क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम तेज हवा और बारिश से बिजली की लाइन पर टहनियां टूटकर गिर गईं। ऐसे में शहर और देहात के ढाई लाख लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। रातभर लाइनमैन पेट्रोलिंग कर विद्युत आपूर्ति को बहाल करने के लिए दौड़ते रहे। शुक्रवार को भी तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहा लेकिन बिजली आपूर्ति ठीक रहने से लोगों को राहत मिली।
मौसम विभाग ने पहाड़ और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि, आंधी व बारिश का पूर्वानुमान लगाया था। अनुमान के मुताबिक बीती देर शाम मौसम ने अचानक करवट बदल और तेज हवा के बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे शहर और देहात में बिजली गुल हो गई। रात भर लोग बिना बिजली के परेशान होते नजर आए।
खंजरपुर, बेल्डा, शेरपुर, कान्हापुर, ढंडेरा, रामनगर, आजादनगर, झबरेड़ा, कलियर, मंगलौर आदि देहात क्षेत्र में भी रात भर ट्रिपिंग और फॉल्ट होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर रात के वक्त बार-बार बिजली गुल होने और फाल्ट से काफी लघु उद्योगों पर भी फर्क पड़ा। ताहिर हसन, राकेश और अरुण ने बताया कि उनकी आटा चक्की है जबकि इंटरलॉकिंग टाइल बनाने का काम भी करते हैं।
बृहस्पतिवार को मौसम के खराब होने पर बिजली गुल हो गई थी। इसमें से उनका काम समय पर नहीं हो पाया। अधीक्षण अभियंता अमित कुमार ने बताया कि मौसम के खराब होने पर रुड़की विद्युत वितरण मंडल के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति रातभर प्रभावित होती रही। वहां जो भी समस्या रही उसको शुक्रवार दोपहर तक ठीक कर दिया गया है।