लक्सर/रुड़की। लक्सर गन्ना विकास समिति में खाद के नाम पर लाखों का घोटाला सामने आया है। समिति में पूर्व में तैनात रहे गन्ना पर्यवेक्षक ने दो दर्जन से अधिक किसानों को वर्ष 2018-19 में खाद आवंटित कर उनके फर्जी चेक लगा दिए हैं। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद समिति अधिकारी मामले में कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वहीं, संबंधित गन्ना पर्यवेक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
अकोढ़ा खुर्द गांव निवासी किसान महक सिंह शुक्रवार को गन्ना समिति लक्सर में किसी काम से आए थे। इसी बीच पता चला कि वर्ष 2018-19 में ली गई 100 बोरी डीएपी और यूरिया खाद उनके नाम पर चढ़ाई गई है। जबकि वर्ष 2019-20 के गन्ना भुगतान में से समिति वह कर्ज पहले ही काट चुकी थी। उन्होंने समिति के सचिव से शिकायत की तो पता चला कि 2018-19 में तैनात रहे गन्ना पर्यवेक्षक की ओर से गलत ढंग से खाद आवंटन कर उनका चेक लगाया गया है। गहराई से जांच की गई तो उनके अलावा करीब 31 किसानों के खातों में भी लगभग दस लाख की गड़बड़ी की बात सामने आई। गन्ना समिति के सचिव गौतम सिंह नेगी का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में किसानों के खातों में गड़बड़ी सामने आने के बाद अन्य किसानों के खातों की भी जांच कराई जा रही है। उसके बाद गन्ना पर्यवेक्षक के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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ऐसे होती है खाद की धोखाधड़ी
लक्सर। किसान गन्ना समिति का मेंबर होता है। उसे समिति की ओर से एक चेकबुक जारी की जाती है। खाद लेने के समय किसानों को खाद इंडेंट, गन्ना पर्यवेक्षक से भरवाकर पास कराना पड़ता है। गोदाम पर खाद लेते समय किसान को चेकबुक से चेक लगाना पड़ता है, लेकिन कुछ किसान गन्ना पर्यवेक्षकों पर विश्वास कर हस्ताक्षर करने के बाद चेकबुक उनको सौंप देते हैं। कई बार गन्ना पर्यवेक्षक खुद ही इंडेंट भरने के बाद चेक बुक से चेक लगाकर संबंधित किसान का खाद किसी दूसरे को बेच देता है। इसका पता किसानों को तब चलता है, जब वह शुगर मिल में अपना गन्ना बेच देते हैं और उसकी भुगतान की रकम से खाद का पैसा कटता है। इस मामले में भी इसी तरह गड़बड़ी की गई।
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इन किसानों के नाम पर किया फर्जीवाड़ा
पवन सिंह, सेवाराम, श्याम सिंह, धीर सिंह, प्रवीण कुमार, इकलाख, ओमप्रकाश, रियाजुल, बिजेंद्र कुमार, श्यामवीर, प्रेम सिंह, धर्मवीर सिंह, राजेश कुमार, सुखपाल, महीपाल, सूरजमल, विजयपाल, विश्वंभर, नरसिंह, विद्यावती, तेजपाल, बती देवी, सेठपाल, सुरेश कुमार, बलकार, रोढू, राजकुमार, नूर अली, पाल सिंह और महक सिंह आदि शामिल रहे।
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मुकदमा दर्ज कराने की मांग
गन्ना विकास समिति में किसानों के नाम पर फर्जी खाद आवंटन कर दिए जाने से नाराज समिति के पूर्व चेयरमैन चंद्रशेखर आजाद, समिति के डायरेक्टर महिपाल सिंह, पप्पू, राजकुमार, सत्यपाल राणा और नूर अली आदि ने गन्ना विकास समिति पहुंचकर सचिव से मुलाकात की। साथ ही उन्होंने संबंधित गन्ना पर्यवेक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
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पहले नकली कोराजन बांटी, अब लाखों का घोटाला
लक्सर गन्ना समिति के गोदाम पर खाद के नाम पर लाखों के घोटाले की जांच शुरू हो गई है। गन्ना समिति के सचिव ने संबंधित गन्ना पर्यवेक्षक से स्पष्टीकरण भी तलब किया है। माना जा रहा है कि इस मामले में गन्ना पर्यवेक्षक पर गाज गिरनी लगभग तय है, लेकिन यह कोई पहला मामला नहीं है। जिस गन्ना पर्यवेक्षक पर खाद के नाम पर लाखों के घोटाले का आरोप लगा है, वह इकबालपुर गन्ना समिति में रहते हुए पहले भी किसानों को नकली कोराजन बांटने पर काफी चर्चाओं में रहा था। प्रकरण में विभागीय अधिकारियों ने गन्ना पर्यवेक्षक को सस्पेंड करने के साथ ही बाद में ऊधमसिंह नगर में सहायक गन्ना आयुक्त कार्यालय से अटैच कर दिया था।
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लक्सर में खाद के नाम पर गड़बड़ी का मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में गन्ना समिति के सचिव की ओर से संबंधित गन्ना पर्यवेक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-शैलेंद्र सिंह, सहायक गन्ना आयुक्त, हरिद्वार