उत्तराखंड राज्य हज समिति के नए गठन के बाद अध्यक्ष पद के लिए चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। राज्य सरकार ने खतीब अहमद को एक बार फिर राज्य हज समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते की ओर से जारी पत्र में इसकी पुष्टि की गई है।
खतीब अहमद को पूर्व में भी दायित्व सौंपा जा चुका है जिसमें पूर्व उपाध्यक्ष (आईटीआई) उत्तराखंड, पूर्व अध्यक्ष मदरसा बोर्ड (टास्क फोर्स) व दूसरी बार उत्तराखंड राज्य हज समिति में अध्यक्ष बनाया गया है। उत्तराखंड राज्य हज समिति का कार्यकाल पिछले साल जनवरी में समाप्त होने के बाद शासन ने मई 2025 के महीने में नई 13 सदस्यीय हज समिति का गठन किया था।
अल्पसंख्यक विभाग की अधिसूचना के अनुसार तीन महिलाओं समेत कुल 13 सदस्यों को मनोनीत किया गया। इनमें कोटद्वार नगर निगम की पार्षद रिजवाना परवीन, हल्द्वानी की तरन्नुम खान और अल्मोड़ा की शाहिदा सिराज को सदस्य बनाया गया। इसके अलावा लक्सर विधायक मुहम्मद शहजाद, जिशान अहमद, हसीब अहमद, इस्लामुद्दीन अंसारी, समीर जाफरी, खतीब अहमद, मन्नान रजा, हाजी अबरार हुसैन और हाजी फईम खान को भी सदस्य नामित किया गया।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष एवं राज्य हज समिति के कार्यकारी अधिकारी पदेन सदस्य है। नई समिति के गठन के बाद अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज थी। अब शासन की स्वीकृति के बाद खतीब अहमद मलिक को दोबारा उत्तराखंड राज्य हज समिति का अध्यक्ष बनाया है।
तीन वर्ष का होगा कार्यकाल
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार समिति के सदस्यों और अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। गौरतलब है कि पिछली समिति में भी खतीब अहमद मलिक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और नई समिति में सदस्य बनाए जाने के बाद उनकी दोबारा ताजपोशी तय मानी जा रही थी। प्रदेश की हज व्यवस्थाओं के संचालन में अध्यक्ष की भूमिका अहम मानी जाती है। ऐसे में खतीब अहमद की पुनर्नियुक्ति से हज यात्रियों को आगामी सत्र में बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।