संवेदनशील मानी जाने वाली सालियर गांव की कांवड़ मंगलवार देर शाम कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच रुड़की से सालियर के लिए रवाना हुई। कांवड़ यात्रा के लिए जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा का पहरा रहा। यात्रा मार्ग पर पुलिस, पीएसी और अर्द्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए थे। वहीं ड्रोन से भी पूरे मार्ग की निगरानी की गई। पुलिस अधिकारियों के साथ एलआईयू की टीम भी सतर्क रही।
2015 में कांवड़ यात्रा के दौरान रामपुर गांव में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद पथराव और तोड़फोड़ हुई थी। इसमें कई पुलिसकर्मी और अन्य घायल हुए थे। इसके बाद से सालियर की कांवड़ को लेकर हर वर्ष विशेष सतर्कता बरती जाती है। मंगलवार शाम शहर की सीमा में प्रवेश करते ही कांवड़ को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। गणेशपुर पुल पर कांवड़ समिति से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आरती की।
समाजसेवियों और शहर के जिम्मेदारों ने भी आरती में शामिल होकर लोगों से आपसी भाईचारा और एकजुटता बनाए रखने की अपील की। इसके बाद कांवड़ सालियर की ओर रवाना हुई। कांवड़ में शामिल आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान युवा कांवड़िये भजनों पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। इसके बाद रामपुर चुंगी से सालियर तक सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। हाईवे पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और ड्रोन से लगातार निगरानी की जाती रही। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कांवड़ को पुलिस फोर्स की निगरानी में गंतव्य तक पहुंचाया गया। यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने में आमजन का भी सहयोग रहा।