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कैदियों के वाहनों की जीपीएस सिस्टम से होगी %निगरानी%

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रुड़की। जेलों से पेशी पर कोर्ट जाने वाले कैदी वाहनों की जल्द ही जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम से निगरानी होगी। जीपीएस से कैदियों के वाहनों की पुलिस और जेल अधिकारियों को पल-पल की जानकारी मिलेगी। अगर रास्ते में कहीं कैदियों का वाहन रुकेगा तो इसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को लग जाएगी। माना जा रहा है कि जल्द ही कैदियों के वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगा दिया जाएगा।
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जेलों से तारीख पेशी पर आने-जाने वाले कैदियों और बंदियों की ओर से सिपाहियों को प्रलोभन देकर मौज मस्ती करने या फिर फरार होने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और जेल अधिकारियों की ओर से हाईटेक तकनीक का प्रयोग किए जाने की तरफ कदम बढ़ाया जा रहा है। जेलों से से तारीख पेशी पर कोर्ट लाने और ले जाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने की तैयारी है। इन वाहनों को पुलिस कंट्रोल रूम और जेलों से जोड़ा जाएगा। कैदियों का वाहन कहां पहुंचा और उसकी क्या गतिविधि है इस पर पुलिस और जेल अधिकारियों की सीधी नजर रहेगी। रास्ते में अगर पांच मिनट से अधिक वाहन रुका तो सीधे कंट्रोल रूम और जेल को इसकी जानकारी मिल जाएगी। इसके बाद पुलिस और जेल अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद पुलिस और जेल अधिकारी संज्ञान लेंगे और कार्रवाई करेंगे। संवाद
कुख्यात को ढाबे पर रोकने का मामला आया था सामने
कुछ साल पूर्व रुड़की के एक कुख्यात को देहरादून जेल से रुड़की कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। पेशी होने के बाद भगवानपुर के पास कुख्यात के कहने पर एक ढाबे पर जवानों ने वाहन रोक दिया था। यहां पर कुख्यात के साथ जवानों ने ढाबे पर खाना खाया था। जिसकी भनक पुलिस और जेल अधिकारियों को लग गई थी। आननफानन में कुख्यात को लाने वाली गारद के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
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अमित भूरा भी हुआ था फरार
रुड़की जेल के बाहर गैंगवार में शामिल कुख्यात अमित भूरा को पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद उसे देहरादून जेल में रखा गया था। अमित भूरा को देहरादून से जेल से 2018 में बागपत पेशी पर ले जाया गया था। यहां से अमित भूरा को उसके साथियों ने छुड़ा लिया था और बदमाशों ने जवानों के हथियार भी छीन लिए थे। भूरा की फरारी का मामला बड़ी सुर्खियों में रहा था।
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सूबे में सभी पुलिस वाहनों को जीपीएस सिस्टम से लैस करने की योजना है। इसके अंतर्गत पेशी पर ले जाने वाले कैदियों के वाहनों पर भी जीपीएस लगाने पर विचार किया जा रहा है।
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-अशोक कुमार, डीजीपी
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कैदियों को लाने और ले जाने वाले वाहनों पर भविष्य में जीपीएस सिस्टम लगाने पर विचार चल रहा है। भविष्य में इसके लिए बजट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
-एपी अंशुमान, आईजी जेल
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