टीबी के मरीज(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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रुड़की में क्षेत्र में टीबी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी के करीब 50 मरीजों का उपचार चल रहा है। डॉक्टरों ने अधिक समय तक खांसी रहने पर जांच कराने की लोगों से अपील की है।
लक्सर क्षेत्र में टीबी की रोकथाम के लिए लक्सर, खानपुर और रायसी में तीन यूनिट बनी हैं और तीन ही बलगम जांच सेंटर खोले गए हैं। इसके अलावा 50 डाट्स सेंटर भी खोले गए हैं। कुछ समय से टीबी के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज में लक्षण दिखने पर बलगम की जांच कराई जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि क्षेत्र में टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोगों को टीबी के लिए सतर्कता बरतने और जागरूक होने की जरुरत है। वहीं, टीबी क्लीनिक के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर राजकुमार ने बताया कि बलगम की जांच में टीबी की पुष्टि होने के बाद रोगी का इलाज शुरू कर दिया जाता है। डॉट्स के माध्यम से इसका सफल इलाज किया जाता है। इस व्यवस्था के तहत बलगम की तीन जांचें कराई जाती हैं।
ये लक्षण दिखें तो कराएं जांच
दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी का आना, खांसी के साथ खून आना, सीने में दर्द रहना, भूख न लगना और वजन का घटना।