रुड़की लक्सर मार्ग पर ढंडेरा फाटक पर लोग तालाब के अंदर वाहन चलाने को मजबूर हैं। इसके अलावा शहर में कई अन्य मार्गों पर भी बुरे हालात है। ऐसे में पुलिस और परिवहन विभाग का सड़क सुरक्षा सप्ताह सफल होने की बात बेमानी लगती है।
करीब पांच साल से रुड़की-लक्सर मार्ग पर ढंडेरा फाटक के आगे तालाब बना है। इसमें उलझकर कई वाहन सवार गिर रहे हैं। कई ई-रिक्शा भी पलट रही हैं। कई लोग चोट खाकर अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन शासन प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि जनता को आश्वासन ही दे रहे हैं। वहीं रामनगर में डायट के आगे भी तालाब बना है। डायट से आगे सलेमपुर तक सड़क पर कई गड्ढे हैं। डिफेंस कॉलोनी और छह नंबर बिजलीघर के बाहर लोग गड्ढों पर चलने को मजबूर हैं। पनियाला रोड भी गड्ढों में तब्दील है। यहां म्हाड़ी के सामने से पेट्रोल पंप तक सड़क नजर ही नहीं आती। यदि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग इन गड्ढों का संज्ञान ले तो उन्हें सड़क सुरक्षा की असलियत पता लग जाएगी। नहीं हो एक सप्ताह तक चलने वाला यह अभियान पोस्टर, बैनर और ब्राउचर तक ही सीमित हो जाएगा।
भगवानपुर में सर्विस लेन पर हुए गड्ढे
भगवानपुर में सर्विस लेन के गड्ढों के कारण जहां जाम लग रहा है, वहीं कई वाहन सवार इन गड्ढों में उलझकर मौत के मुंह में समा चुुके हैं। कुछ अपना इलाज करवा रहे हैं। हाईवे पर जाम लगने और भगवानपुर में हाईवे पर मौत होनेे पर भाजपा नेता सुबोध राकेश ने भगवानपुर थाने में शुक्रवार को तहरीर दी। इसमें बताया गया है कि सर्विस लेन पर गड्ढों के कारण चार-पांच लोगों की दुर्घटना में मौत हो चुकी है।