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अस्पतालों में गंदगी से बुरा हाल 

Tue, 16 Aug 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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अस्पताल में गंदगी
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प्रदूषण फैला रहे अस्पतालों पर प्रदूषण बोर्ड ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तीन अस्पतालों में मारे गए छापे के दौरान दो अस्पतालों में जगह-जगह भारी गंदगी पाई गई। नियमों की धज्जियां उड़ाए जाने पर दोनों अस्पतालों के प्रबंधकों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माने के साथ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। कार्रवाई के लिए बोर्ड मुख्यालय देहरादून को रिपोर्ट भेज दी गई है। 
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एनजीटी ने मानकों की अनदेखी कर रहे जिले के अस्पतालों पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाए जाने के आदेश जारी किए हुए हैं। प्रदूषण बोर्ड ने इसके लिए शहर के सभी अस्पतालों को नोटिस जारी किए हुए हैं। बावजूद इसके अस्पतालों में गंदगी का बुरा हाल है। रुड़की स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड कार्यालय के क्षेत्रीय अधिकारी डा. अंकुर कंसल ने बताया कि बृहस्पतिवार को सहायक वैज्ञानिक अधिकारी डा. आरके चतुर्वेदी, वैज्ञानिक सहायक गीता भट्ट के साथ गणेशपुर स्थित पालना नर्सिंग होम, बीएसएम चौक स्थित बच्चे के अस्पताल और चाव मंडी स्थित भगवती नर्सिंगहोम में औचक छापा मारा गया की। डा. अंकुर कंसल ने बताया कि सबसे बुरी स्थिति पालना नर्सिंग होम में पाई गई है। बच्चों के अस्पताल में भी भारी अनियमितताएं पाई गई हैं। दोनों अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट बोर्ड मुख्यालय को भेज दी गई है।  दोनों अस्पतालों में यह मिली खामियां >> रिसेस्पेशन के पास रखे डस्टबीन में खून से भरी सीरिंज पाई गई। 
>> सभी प्रकार की गंदी पट्टियां आदि भी इसी डस्टबीन में भरी पड़ी थी। 
>> बच्चों के अस्पताल में एक्सरे मशीन का पानी खुली नाली में बह रहा था। 
>> बायोमेडिकल कचरे को अलग डिब्बों में रखने की व्यवस्था नहीं मिली। एक अस्पताल मानकों पर उतरा खरा  - चाव मंडी स्थित भगवाती अस्पताल में नियमों का पालन होता पाया गया। इस हास्पिटल के पास प्रदूषण बोर्ड से 31 मार्च 2018 तक की अनुमति है। निरीक्षण के दौरान सभी कमरों में अलग-अलग बायोमेडिकल वेस्ट के डस्टबीन पाए गए। हास्पिटल के पास लगे नगर निगम के डस्टबीन में अस्पताल से संबंधित कोई कचरा नहीं मिला है। 
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