दीपावली पर किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अगले 72 घंटे के लिए जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया है। डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर को 24 घंटे के लिए ऑन कॉल सेवा पर रखा गया है। बर्न और आई वार्ड को विशेष तौर पर सतर्क रहने को कहा गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी सरोज नैथानी ने बताया कि दीपावली से लेकर भैयादूज तक महकमे को अलर्ट पर रखा गया है। जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी की इमरजेंसी में भी 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती रहेगी। इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी समुचित मात्रा में उपलब्ध करा दी गई हैं। सिविल अस्पताल के सीएमएस संजय कंसल ने बताया कि दीपावली के लिए पांच बेड सुरक्षित हैं। इसके अलावा पेइंग वार्ड और आपदा प्रबंधन वार्ड में भी अतिरिक्त बेड की व्यवस्था है। एक आई सर्जन समेत सभी विशेषज्ञों को 24 घंटे ऑन कॉल सेवा पर रखा गया है। बर्न वार्ड में अतिरिक्त चिकित्साकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
एंबुलेंस सेवा को भी किया गया सतर्क
सीएमओ सरोज नैथानी ने शुक्रवार सुबह 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के प्रभारियों के साथ बैठक कर दीपावली पर एंबुलेंस कर्मियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। विपरीत परिस्थितियों में घटनास्थल पर अधिकतम 15 मिनट के भीतर पहुंचने को कहा गया है। रुड़की सिविल अस्पताल में दो एएलएस के अलावा 108 सेवा की तीन एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रहेंगी। इसके अलावा ग्रामीणांचल के सरकारी अस्पतालों में भी दिनरात एक एंबुलेंस मौजूद रहेगी।
झुलसने पर डाले ठंडा पानी या लगाएं बर्फ
असुरक्षित तरीके से आतिशबाजी खतरनाक साबित हो सकी है। सीएमओ का कहना है कि छोटे बच्चे पटाखे न ही छुड़ाएं तो बेहतर है। यदि वे आतिशबाजी करें तो अभिभावक उनकी निगरानी अवश्य करें। शरीर का कोई अंग झुलस जाए तो तत्काल ठंडा पानी डालें। घाव अधिक होने पर बर्फ से सेकाई करें और तत्काल अस्पताल जाएं।