फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Roorkee News: यहां खंभों पर टिमटिमाती है बस मीटर की लाइट

विज्ञापन
विज्ञापन
Iआकाशदीप एन्क्लेव में खंभे तो हैं लेकिन नहीं लगी हैं लाइट, शाम होते ही पसर जाता है अंधेराI
विज्ञापन

Iअधिकांश पोल पर नहीं है स्ट्रीट लाइट, जो लगी हैं उनमें भी अधिकांश खराब
I

I आकाशदीप एन्क्लेव में रात को दूर तक सिर्फ अंधेरा ही नजर आता है। यहां पर खंभे तो लगे हैं लेकिन उन पर लाइट नहीं हैं। जिसपर लाइट लगी भी हैं उनमें से अधिकांश खराब हैं। रात के समय खंभों पर लगे मीटर में लगी हरी लाइट ही नजर आती है। ज्या
I
I
I
Iनगर निगम में शामिल किए गए नए क्षेत्रों में अभी जरूरी सुविधाएं नहीं है। ड्रेनेस सिस्टम, सीवर लाइन व पानी की लाइन यहां नहीं है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट तक नहीं लग पाई हैं। लाइट न होने से इस इलाके में रात के समय घना अंधेरा रहता है। यही कारण है कि लोग दिन ढलने के बाद घरों से बाहर नहीं जाते हैं। केवल जरूरी काम से ही बाहर निकलते हैं। शहर का बाहरी इलाका होने के चलते यहां आपराधिक घटनाओं की भी पूरी आशंका रहती है। लोगों का कहना है कि वह लगातार यहां स्ट्रीट लाइट की मांग कर रहे हैं। कुछ खंभों पर लाइट लगी हैं लेकिन अधिकांश इलाके में लाइट लगनी शेष है।
विज्ञापन

I
I
I
Iस्ट्रीट लाइट न होने से रात के समय गलियों में पूरी तरह से अंधेरा रहता है। इसके कारण बच्चे तो बच्चे बड़े भी रात के समय घर से बाहर नहीं जाते हैं।
I
I-विजेता चौधरी, आकाशदीप एन्क्लेवI
Iनगर निगम में शामिल हुए पांच से भी अधिक का समय हो गया है लेकिन अब तक भी यहां पर सुविधाओं का अभाव है। स्ट्रीट लाइट इस इलाके में बेहद जरूरी है।
I
I-चंद्रपाल गौतम, आकाशदीप एन्क्लेवI
Iनगर निगम को स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करानी चाहिए। स्ट्रीट लाइट न होने से रात के समय बाहर से आने वाले मेहमानों को कुछ पता नहीं चल पाता है। ई-रिक्शा वाले भी रात में यहां आने से कतराते हैं।
विज्ञापन

I
I-धर्मेंद्र चौधरी, आकाशदीप एन्क्लेवI
Iस्ट्रीट लाइट होने से काफी रौनक रहती है। कालोनी में कोई बाहरी व्यक्ति आ रहा है। इसका भी पता चल जाता है। अंधेरे का लाभ उठाकर अपराधी कोई भी घटना कर सकते हैं।
I
I-भरत प्रजापति, आकाशदीप एन्क्लेवI
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें