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हरिद्वार जेल में व्हाट्सएप चला रहा है प्रवीण वाल्मीकि

Tue, 02 Feb 2016 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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रुड़की। शहर के एक पेट्रोल पंप कारोबारी से 20 लाख की चौथ वसूली के मामले में हरिद्वार जेल में मोबाइल चलने का खुलासा भी हुआ है। जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी के गुर्गे प्रवीण वाल्मीकि ने 26 जनवरी को जेल से ही व्हाट्सएप पर मेहरबान को मैसेज भेजकर चौथ वसूली की प्लानिंग की थी। व्हाट्सएप पर किए गए वाइस मैसेज भी पुलिस के हाथ लगे है। प्रदेश की सबसे बड़ी जेल को लेकर इस खुलासे से जेल प्रशासन पर सवाल उठने लाजिमी है। मामले मेें जेलकर्मियों की मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है।
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रुड़की में वर्ष 2011 में तत्कालीन डिप्टी जेलर नरेन्द्र खंपा की जेल गेट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पीछे जेल में मोबाइल के इस्तेमाल पर सख्ती करने की वजह सामने आई थी। वहीं पांच अगस्त 2014 को रुड़की जेल के बाहर गैंगवार के बाद जेल में कुख्यात सुनील राठी के धड़ल्ले से मोबाइल समेत तमाम सुख सुविधाएं भोगने का खुलासा हुआ था। जेल से गिरोह चलाने वाले कुख्यातों का नेटवर्क तोड़ने के लिए तमाम जद्दोजहद हुई थी। मगर नतीजा शून्य रहा।
अब एक बार फिर हरिद्वार जेल में प्रवीण वाल्मीकि के मोबाइल इस्तेमाल करने का खुलासा हुआ है। मेहरबान के मोबाइल से प्रवीण वाल्मीकि के व्हाट्सएप से आए वाइस मैसेज भी मिले हैं। हरिद्वार की रोशनाबाद जेल प्रदेश की सबसे बड़ी जेल है। अधिकारी खूंखार कैदियों को रखने में अन्य जेलों की अपेक्षा इस जेल पर  भरोसा जताते हैं। ऐसे में ताजा खुलासे से अधिकारियों के दावों की भी हवा निकली है। बड़ा सवाल ये भी है कि जेलों में किसके संरक्षण में मोबाइल इस्तेमाल हो रहा था।
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सिम तोड़कर चलाया जा रहा व्हाट्सएप
पड़ताल में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पता चला है कि प्रवीण वाल्मीकि के सिम से व्हाट्सएप एप्लीकेशन मोबाइल में अपलोड की गई है। इसके बाद सिम तोड़कर दूसरा सिम लगाया गया। जिससे व्हाट्सएप पर प्रवीण का मोबाइल नंबर जरूर दिख रहा है, मगर उसकी लोकेशन पता नहीं लग सकती। पुलिस का मानना है कि शातिर ने पकड़ में आने से बचने के लिए ये तरीका अपनाया है। एसओजी अब व्हाट्सएप के आईपी एड्रेस की तस्दीक करने में जुटी है।

प्रवीण ने मैसेज पर पूछा बसंत हत्याकांड
पुलिस के मुताबिक 26 जनवरी को प्रवीण वाल्मीकि ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर एक दिन पहले हुई सफाई नायक बसंत की हत्या के बारे में पूछा। मेहरबान ने जानकारी न होने की बात कही तो उसने अखबार पढ़ने को कहा। बसंत हत्याकांड में उसकी दिलचस्पी भी कई सवाल खड़े करती है। वहीं पकड़े जाने के डर से मेहरबान अपने मोबाइल के व्हाट्सएप से प्रवीण वाल्मीकि के वाइस मैसेज डिलीट कर चुका था। मगर एसओजी ने उन्हें मोबाइल फोन से ढूंढ निकाला। मैसेज डिलीट करने पर मुकदमे में साक्ष्य छिपाने की धाराएं भी लगाई गई हैं।

पुलिस कर रही खुलासा, जेल प्रशासन बेखबर
रुड़की गंगनहर कोतवाली में एसपी देहात ने मंगलवार की दोपहर चौथ वसूली का खुलासा किया। जिसमें लिखित तौर पर बताया गया कि प्रवीण वाल्मीकि ने एक मैसेज 26 जनवरी को मेहरबान के मोबाइल पर भेजा था। मगर हरिद्वार जेल प्रशासन शाम तक इससे बेखबर रहा। शाम करीब साढ़े छह बजे अमर उजाला ने जेल अधिकारियों से जब जानकारी मांगी तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई।

इनका कहना है
इस मामले की जानकारी नहीं मिली है, जेल की बैरकों में नियमित चेकिंग के अलावा औचक निरीक्षण कर चेकिंग भी की जाती है। यदि ऐसा है तो इसे गंभीरता से लेते हुए जांच की जाएगी। एसके सुखीजा, जेलर जिला जेल रोशनाबाद
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