रुड़की दिल्ली रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में अवतार सिंह भड़ाना का स्वागत करते कार्य?
- फोटो : ROORKEE
रुड़की। दिल्ली रोड स्थित एक होटल में आयोजित भाकियू अंबावत की बैठक में किसानों की समस्याओं को उठाया गया। वक्ताओं ने तीनों कृषि कानून वापस नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। उन्होंने भाजपा सरकार पर किसानों को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया। कहा कि अब जाट और गुर्जर समाज को एक होकर आंदोलन में उतरना होगा।
रविवार को भाकियू अंबावत की एक बैठक दिल्ली रोड स्थित एक होटल में हुई। इसमें पहुंचे पूर्व सांसद एवं मुजफ्फरनगर के मीरापुर के विधायक अवतार सिंह भड़ाना ने कहा कि सरकार किसानों को नजरअंदाज कर रही है। देश में ऐसी सरकार बननी चाहिए जोकि किसानों के हितों को ध्यान में रखकर काम करे। उन्होंने कहा कि किसानों को अब संगठित होकर काम करना होगा। आज सरकार ने तीन कृषि कानून लाकर किसान को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। बार बार आंदोलन करने और प्रदर्शन करने के बावजूद अन्नदाता की नहीं सुनी जा रही है। बैठक में उन्होंने कहा कि आज गुर्जर समाज राजनीतिक रूप से पिछड़ रहा है, जबकि इस समय गुर्जर और जाट समाज को एक साथ आंदोलन में सामने आने की जरूरत है। उन्होंने किसानों को 22 सितंबर को लक्सर में होने वाली संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा की महापंचायत में भारी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा, संदीप चौधरी, राजेंद्र चौधरी, फिरोज आलम, फरमान त्यागी, नीरज चौधरी, कोमल रानी और रश्मि चौधरी आदि मौजूद रहे।