रुड़की। गंगनहर बंदी के दौरान निकाले गए रेत से प्रशासन रायल्टी वसूलेगा। इसके लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तैयारी शुरू कर दी है। गढ़वाल मंडल विकास निगम या फिर डीएम के आदेशों अनुसार यह रायल्टी वसूली जाएगी।
पिछले माह गंगनहर को मरम्मतीकरण के लिए बंद कर दिया गया था।
गंगनहर बंदी के दौरान माफिया ने बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया। अवैध खनन के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से महज एक बार कार्रवाई कर करीब आधा दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़कर सीज किया गया। इसके अलावा पुलिस एवं प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने कार्रवाई करना तो दूर खनन स्थल पर जाने की नौबत तक नहीं उठाई। अभी भी गंगनहर के दोनों किनारों पर रेत के ढांग लगी हुई हैं।
अब प्रशासन गंगनहर किनारे पड़े रेत से रायल्टी वसूलने की तैयारी कर रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि गंगनहर किनारों पर पड़ी हुई रायल्टी वसूलने के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। इसके अलावा डीएम को भी राजल्टी वसूलने के लिए पत्र भेजा जाएगा।