खानपुर क्षेत्र के शाहपुर गांव के जंगल में नाला ना होने के कारण गन्ने के खेत में भरा बरसात का पानी।
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कई गांव के जंगल में बरसाती नाले न होने के चलते क्षेत्र की हजारों बीघा कृषि भूमि पर अभी भी बारिश का पानी भरा हुआ है। इसके चलते फसलें बर्बादी की कगार पर है। वहीं गन्ना छिलाई का काम भी बंद पड़ा है। हालांकि किसान मौसम खुलने के बाद से राहत महसूस कर रहे हैं।
आठ से 15 मार्च तक लगातार हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की रीढ़ तोड़कर रख दी है। हालांकि तीन दिन से मौसम साफ होने के बाद से ही किसान राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन अभी क्षेत्र के शाहपुर, मदारपुर, हस्तमौली आदि गांवों की हजारों बीघा कृषि भूमि पर बरसाती नाला न होने के चलते फसलों में बरसाती पानी भरा हुआ है। इसके चलते फसलें बर्बादी की कगार पर है। किसान कर्म सिंह, सुखबीर, मदन सिंह, कंवरपाल सिंह, महिपाल सिंह आदि का कहना है कि क्षेत्र की हजारों बीघा कृषि भूमि में बरसाती नाले नहीं बने हुए हैं। इसके चलते अभी तक गेहूं, गन्ने, दलहन, तिलहन और पशुओं के हरे चारे की फसलों में बारिश का पानी भरा हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही फसलों से पानी की निकासी नहीं हुई तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी। किसान मौसम खुलने के बाद से राहत महसूस कर रहे हैं।