कस्बे के मोहल्ला किला निवासी सुहैल चिश्ती ने दरगाह शाहविलायत (वक्फ संख्या 683) का मुतवल्ली बनाए जाने के मामले में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए कोतवाली मंगलौर में तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मोहल्ला किला निवासी तनवीर चिश्ती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तनवीर चिश्ती ने खुद को दरगाह का मुतवल्ली बनवाने के लिए 7 अप्रैल 2025 को हुई एजेंडा बैठक और 13 अप्रैल 2025 के प्रस्ताव में उन्हें उपस्थित दिखाया। आरोप है कि इन दस्तावेजों पर उनके नाम के कूटरचित हस्ताक्षर किए गए जबकि वह किसी बैठक में शामिल नहीं हुए थे। सुहैल चिश्ती ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर उन्होंने 24 जून 2025 को वक्फ बोर्ड के समक्ष शपथपत्र देकर स्पष्ट किया था कि संबंधित दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं है।
आरोप है कि इसकी जानकारी मिलने के बाद तनवीर चिश्ती उनके पास पहुंचे और बिना अनुमति हस्ताक्षर करने की बात स्वीकार की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने दरगाह के चंदे में से 10 प्रतिशत हिस्सा देने का लालच दिया जिसे उन्होंने ने ठुकरा दिया था। तहरीर के मुताबिक, 10 फरवरी 2026 को उन्हें पता चला कि इन्हीं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तनवीर चिश्ती को दरगाह का मुतवल्ली बना दिया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।