पैसे के लेनदेन और धोखेबाजी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इसमें रुड़की न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने दोस्ती का फायदा उठाकर पांच लाख रुपये हड़प लिए और मांगने पर जानलेवा हमला व गाली-गलौज की।
मंगलौर के मोहल्ला टोली निवासी मोहम्मद आजम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी दोस्ती सरफराज निवासी टोडा कल्याणपुर और उसके भाई से थी। मार्च 2025 में सरफराज ने घरेलू जरूरत बताकर आजम से पांच लाख रुपये उधार लिए थे। यह रकम गवाहों की मौजूदगी में दी गई थी और मई 2025 तक लौटाने का वादा किया गया था।
आरोप है कि जब आजम ने अपने पैसे वापस मांगे तो टाल-मटोल के बाद 5 जून 2025 को सरफराज अपने साथी वसीम के साथ आया। सरफराज ने वसीम के हस्ताक्षर किए हुए 2.5-2.5 लाख रुपये के दो चेक आजम को सौंपे। जब ये चेक बैंक में लगाए गए तो हस्ताक्षर मिलान न होने के कारण चेक बाउंस हो गए। जांच में पता चला कि चेक वसीम के नहीं बल्कि सरफराज के खाते के थे जिस पर जानबूझकर वसीम के गलत हस्ताक्षर कराए गए थे।
मामला तब और बिगड़ गया जब 7 अक्तूबर 2025 को आजम की दुकान पर इस संबंध में एक पंचायत बुलाई गई। आरोप है कि जब आजम ने अपने पैसे मांगे तो आरोपी सरफराज और वसीम भड़क गए। उन्होंने सरेआम कहा कि उनका मकसद शुरू से ही धोखा देना था। आरोपियों ने आजम के साथ मारपीट की और दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी देते हुए पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत मंगलौर कोतवाली और एसएसपी हरिद्वार से भी की थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
थक-हारकर पीड़ित ने अब न्यायालय जेएम प्रथम रुड़की की शरण ली है। न्यायालय से आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है। कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी सरफराज व शमशाद निवासी टोडा कल्याणपुर कोतवाली रुड़की के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।