33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र लंढौरा में कार्यरत कर्मचारियों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन नामजद समेत 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अवर अभियंता विनोद कुमार की ओर से 21 मई को दी गई कोतवाली मंगलौर में तहरीर के अनुसार घटना 20 मई की रात 11:50 बजे की है। लंढौरा निवासी सभासद पति अनिल भगत, सन्नी, रफीश कुमार और करीब 10 अज्ञात व्यक्तियों ने उपकेंद्र पर धावा बोल दिया था। आरोपियों ने वहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सलीम और सुरक्षा गार्ड अनिल चौधरी को निशाना बनाया था।
लाइनमैन सलीम को बुरी तरह पीटा गया था और सुरक्षा गार्ड की बंदूक छीनकर उनसे मारपीट की गई थी। यही नहीं, उपकेंद्र पर खड़ी कर्मचारियों की मोटरसाइकिलों को भी तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इस हमले के बाद उपकेंद्र पर अफरातफरी का माहौल हो गया था, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
जेई विनोद कुमार ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद से विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष और दहशत है जिसके कारण वह ड्यूटी करने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से कोतवाली मंगलौर में नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई थी। कोतवाली प्रभारी भगवान सिंह मेहर ने बताया कि शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में 13 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं।