शहर में सीवर लाइन की मुख्य पाइप से अपने घरों का कनेक्शन करने वालों के खिलाफ जल संस्थान कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इससे पहले जल संस्थान की ओर से जीपीएस सर्वे कर ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद इनसे पिछले 10 साल का जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही ऐसे घर मालिकों को सीवर कनेक्शन कराना भी अनिवार्य होगा।
नगर निगम क्षेत्र में कुछ लोगों ने सीवर लाइन के मुख्य पाइप से अपने घरों का अवैध कनेक्शन कर रखा है। इस कारण सीवरेज के मुख्य पाइपलाइन में बह रहा गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है। सीवर लाइन बार-बार चोक हो रही है। ऐसे में जल संस्थान को बार-बार सीवर लाइन सही करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले काफी समय से ऐसी शिकायतें आने के बाद अब जल संस्थान गंभीर हो गया है। जल संस्थान ने अवैध कनेक्शनधारकों को जीपीएस सर्वे के जरिए चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है।
सर्वे के दौरान जल संस्थान की टीम को कई अवैध कनेक्शन मिले हैं। विभाग की ओर से इन लोगों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही इनसे पिछले 10 साल का जुर्माना वसूलने के लिए नोटिस भेजे जाने की भी तैयारी की जा रही है। इसके अलावा अवैध कनेक्शन वालों को कनेक्शन लेने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
कई होटल और ढाबों के भी अवैध कनेक्शन
शहर में कई ऐसे होटल और ढाबे चल रहे हैं जिनके किचन के वेस्ट को सीवर लाइन से जोड़ा गया है। अपना पर्सनल चेंबर नहीं बना रखा है। इसके चलते सीवर लाइन में कूड़ा आने से आए दिन लाइन चोक हो रही है। ऐसे होटलाें को नोटिस भेजा जा रहा है। जल संस्थान के सहायक अभियंता जुनैद गौड़ ने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट या ढाबे पर पर्सनल प्रॉपर्टी चेंबर का निर्माण कराना होगा और सीवर लाइन में मलबा, घी, बोतल आदि की रोकथाम के लिए जाली लगवानी होगी। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।