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जिले में आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को मिलेंगी एक हजार सीटें

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आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण श्रेणी के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय ने डिग्री कॉलेजों में इस श्रेणी के छात्रों के प्रवेश के लिए पांच प्रतिशत सीटें बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस श्रेणी के छात्रों के लिए प्रवेश में दस प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की गई थी। इस आदेश के बाद जिले के सरकारी एवं गैरसरकारी संस्थानों में करीब एक हजार छात्रों को प्रवेश का नया मौका मिलेगा।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से आरक्षण लागू होने के बाद हाल ही में प्रदेश शासन की ओर से शासनादेश जारी कर बताया गया था कि दस प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए डिग्री कॉलेजों में इतनी ही सीटें बढ़ाई जाएंगी। वहीं, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर की ओर से पांच अगस्त को आदेश जारी कर बताया गया है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी संस्थानों में सत्र 2019-20 में पांच प्रतिशत अतिरिक्त प्रवेश ले सकेंगे। बताया गया है कि हरिद्वार जिले में करीब 50 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान हैं। इनमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। अभी तक अधिकांश कॉलेजों में प्रत्येक पाठ्यक्रम में 60 सीटों पर प्रवेश की अनुमति प्राप्त थी। किन्हीं कॉलेजों में 80 सीट तक भी मान्यता प्रदान की गई है। अब विश्वविद्यालय के आदेश जारी होने के बाद संबंधित कॉलेज पहले के मुकाबले पांच प्रतिशत अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश ले सकेंगे। माना जा रहा है कि इस आदेश के बाद जिलेभर में करीब एक हजार अतिरिक्त सीटों पर आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण श्रेणी के छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा।
एक सप्ताह में बढ़ी हुई सीटों पर मांगी जानकारी
गढ़वाल विश्वविद्यालय कुलपति की ओर से जारी आदेश में संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पांच प्रतिशत सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण कर एक सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालय को सूची उपलब्ध कराएं। ऐसे में संस्थानों को प्रवेश प्रक्रिया में तेजी लानी होगी, लेकिन इसके लिए प्रचार प्रसार और उसके बाद छात्रों को समय सीमा के भीतर प्रवेश देना चुनौती होगी।
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विश्वविद्यालय के आदेश पर भी सवाल
गढ़वाल विश्वविद्यालय की ओर से पांच प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा तो कर दी गई है, लेकिन केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण छात्रों को दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की गई है। ऐसे में विश्वविद्यालय की ओर से पांच प्रतिशत आरक्षण लागू करना संस्थानों के गले से नहीं उतर रहा है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन कह रहा है कि अगले सत्र में आरक्षण में इजाफा किया जाएगा।
आरक्षण के सापेक्ष सीटों को दो पार्ट में बढ़ाया जा सकता है। इसी के तहत फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में भी पांच प्रतिशत सीटें ही बढ़ाई गई है। यही आदेश संबद्ध संस्थानों को भी जारी कर दिए गए हैं। संसाधनों की कमी को देखते हुए फिलहाल यह कोटा निर्धारित किया गया है। अगले सत्र में इस कोटे को बढ़ाया जाएगा।
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... अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलपति, एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी, श्रीनगर
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