भिक्कमपुर गांव में पिछले करीब एक महीने से बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव में दर्जनों लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर एक सप्ताह बाद भी खून की जांच की रिपोर्ट नहीं देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के बीच स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश और चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आखिरी बार 5 अक्तूबर को गांव में एक कैंप लगाया था जिसमें 88 मरीजों की जांच और उपचार किया गया था। इस कैंप के दौरान डॉक्टरों की टीम ने चार लोगों में डेंगू जैसे लक्षण मिलने की जानकारी दी थी और 41 लोगों के खून के नमूने जांच के लिए लिए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि इन नमूनों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है और स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके बाद दोबारा गांव में नहीं आई है। ग्रामीण मुकेश कुमार लाला, नरेश कुमार शर्मा, धर्मवीर सिंह, पंकज शर्मा, रमेश कुमार, कौर पाल सैनी और विजेंद्र सैनी ने बताया कि स्थिति गंभीर होती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खून के नमूनों की रिपोर्ट नहीं भेजी गई तो वे जिलाधिकारी हरिद्वार से मिलकर शिकायत करेंगे।
इस संबंध में लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र असवाल ने बताया कि कैंप के दौरान लिए गए कुछ सैंपल की रिपोर्ट की जानकारी गांव की आशा कार्यकर्ताओं को दे दी गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष रिपोर्ट बुधवार तक गांव में भेज दी जाएगी।