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दून कूच के लिए निकले किसानों को रोका

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बुग्गावाला में एसडीएम भगवानपुर को ज्ञापन देते किसान। - फोटो : ROORKEE
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देहरादून कूच करने जा रहे भारतीय किसान यूनियन गुट के सैकड़ों किसानों को उत्तराखंड और यूपी पुलिस ने अमानतगढ़ के पास बॉर्डर पर रोक लिया। करीब दो घंटे तक किसान हाईवे पर ही नारेबाजी करते रहे। उपजिलाधिकारी भगवानपुर के आश्वासन पर किसानों ने उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके बाद किसान वापस लौट गए।
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मंगलवार सुबह ग्यारह बजे भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष सुदेश पाल तोमर के नेतृत्व में किसान देहरादून कूच के लिए निकले। सूचना पर उत्तराखंड और यूपी पुलिस ने उन्हें उत्तराखंड के अमोनतगढ़ चेक पोस्ट पर बैरिकेट लगाकर रोक लिया। इससे गुस्साए किसानों ने दरी बिछाकर हाईवे पर ही नारेबाजी करनी शुरू कर दी। लगभग दो घंटे चले धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम भगवानपुर संतोष कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे। इसके बाद किसानों ने उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि सरकार ने जो तीनों कानून पास किए हैं उन्हें तुरंत वापस लिया जाए। किसानों के नलकूपों की बिजली मुफ्त की जाए, दिल्ली आंदोलन में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को पांच लाख की आर्थिक सहायता दी जाए। गन्ने का बकाया भुगतान 14 दिन बाद तुरंत किया जाए। यदि गन्ने का भुगतान 14 दिन में नहीं होता है तो किसानों को उसका ब्याज मिलने सहित कई मांग थी। इसके बाद किसान ज्ञापन देकर लौट गए। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष रईस मलिक, जिलाध्यक्ष श्याम सिंह राणा, सोनू, मास्टर सत्यपाल, पारित उपाध्याय, शाहनवाज, शाहिद, सचिन चौधरी, वीरेंद्र सिंह, दीपक त्यागी, शाहिद कुरैशी आदि शामिल रहे।
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