इकबालपुर शुगर मिल के पंद्रह से अधिक गांव के किसानों को गन्ना सुरक्षण (रिजर्वेशन) की बैठक का बेसर्बी से इंतजार है। इन पंद्रह गांव के किसान अपना गन्ना अन्य शुगर मिल को देने के लिए विभागीय अधिकारियों को मांग पत्र दे चुके हैं। जिस पर गन्ना सुरक्षण की बैठक में अंतिम मोहर लगेगी।
प्रत्येक वर्ष पेराई सत्र की शुरुआत के दौरान गन्ना विभाग सुरक्षण की बैठक आयोजित करता है। इसमें शुगर मिलों के क्षेत्रों का निर्धारण किया जाता है। वहीं किसानों के दिए गए मांग पत्रों पर भी विचार किया जाता है। यदि आंकड़ों पर नजर डाले तो इकबालपुर गन्ना समिति में करीब पंद्रह गांव के किसान मांग पत्र दे चुके हैं कि उन्हें दूसरे शुगर मिलों से जोड़ दिया जाए। इसके पीछे की वजह किसान गन्ना भुगतान का नहीं होना बताते हैं। किसानों का कहना है कि शुगर मिल ने दो साल का भुगतान नहीं दिया है, लिहाजा आगे की स्थिति से बचा जाए। किसानों के इन मांग पत्रों पर विचार सुरक्षण की बैठक में किया जाएगा। इस पर अंतिम फैसला गन्ना आयुक्त के द्वारा किया जाना है। अभी यह तय नहीं है कि इन 15 गांव को शुगर मिल से काट ही दिया जाएगा। क्योंकि इकबालपुर शुगर मिल को भी गन्ने की पूर्ति करनी है। लिहाजा किसानों को इंतजार है कि सुरक्षण की बैठक में क्या होता है और उनका गांव किस शुगर मिल पर लाया जाता है। इकबालपुर गन्ना समिति के सचिव कुलदीप तोमर ने बताया कि करीब पंद्रह प्रार्थना पत्र इस संदर्भ में मिल चुके हैं।