फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Roorkee News: रिपोर्ट दर्ज और आरसी कटवाने के बाद नहीं मिला किसानों को भुगतान

विज्ञापन
विज्ञापन
गुजरात में इकबालपुर शुगर मिल मालकिन की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर किसानाें के बकाया भुगतान पर चर्चा तेज हो गई है। किसानों के बकाया भुगतान पर गन्ना विभाग रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद कोई ठोस कारवाई नहीं करवा पाया है। इससे किसानों का भुगतान अटका हुआ है।
विज्ञापन


इकबालपुर गन्ना समिति के सचिव शीशपाल पंवार ने गन्ना आयुक्त के निर्देश पर इकबालपुर शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसमें मिल प्रबंधन ने उच्च न्यायालय से जमानत करवा ली। इसके बाद मिल की आरसी काटने की कार्रवाई हुई थी। आरसी की कार्रवाई हुई लेकिन रिकवरी की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होती है। मिल की संपत्ति दूसरे बैंकों में बंधक होने से रिकवरी में भी अड़चन आई हुई है।



अब तक रिकवरी भी नहीं हो पाई है। गन्ना विभाग ने भी तहसील प्रशासन के पाले में मामला डालकर हाथ झाड़ लिए है। गन्ना समिति के सचिव शीशपाल पंवार ने बताया कि किसानों की शिकायत पर झबरेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। उसके बाद मिल की आरसी कटवाई गई थी। किसानों के भुगतान के लिए पत्राचार किया जा रहा है। बता दें कि इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों के गन्ने के पेराई सत्र 2018-19 का बकाया भुगतान 105 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। वहीं पेराई सत्र 2024-25 का लगभग 12 करोड़ रुपया किसानों के गन्ने का बकाया है।
विज्ञापन


इकबालपुर गन्ना समिति के सचिव शीशपाल पंवार ने गन्ना आयुक्त के निर्देश पर इकबालपुर शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी जिसमें मिल प्रबंधन ने उच्च न्यायालय से जमानत करवा ली। इसके बाद मिल की आरसी काटने की कार्रवाई हुई थी। इसके बाद रिकवरी की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होती है। मिल की संपत्ति दूसरे बैंकों में बंधक होने से रिकवरी में भी अड़चन आई हुई है। अब तक रिकवरी भी नहीं हो पाई है।



गन्ना विभाग ने भी तहसील प्रशासन के पाले में मामला डालकर हाथ झाड़ लिए हैं। गन्ना समिति के सचिव शीशपाल पंवार ने बताया कि किसानों की शिकायत पर झबरेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। उसके बाद मिल की आरसी कटवाई गई थी। किसानों के भुगतान के लिए पत्राचार किया जा रहा है। बता दें कि इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों के गन्ने के पेराई सत्र 2018-19 का बकाया भुगतान 105 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। वहीं पेराई सत्र 2024-25 का लगभग 12 करोड़ रुपया किसानों के गन्ने का बकाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें