मेडिकल की पढ़ाई कर रही महिला के फर्जी कागजात बनाकर संचालक ने स्वास्थ्य विभाग में अस्पताल का रजिस्ट्रेशन करा लिया। इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से पता चलने पर उसके भाई ने अस्पताल संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
विपिन कंबोज निवासी ग्रीनपार्क देहरादून ने पुलिस को बताया कि उसकी चचेरी बहन डॉ. पूर्णिमा निवासी पटेल नगर, देहरादून सूरत में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। दो जनवरी को उसकी बहन के मोबाइल पर इंश्योरेंस कंपनी का फोन आया। फोन करने वाले ने जानकारी दी कि उन्होंने गीता मोरिया निवासी जम्मू कश्मीर का इलाज किया है इसलिए उनका क्लेम दिया जाना है।
इसके बाद डॉ. पूर्णिमा ने उन्हें बताया कि उन्होंने किसी भी महिला का उपचार नहीं किया है और न ही उन्होंने मंगलौर में कोई अस्पताल खोला है। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी ने उन्हें महिला मरीज के इलाज से संबंधित सभी प्रपत्र उन्हें भेजे। इसके बाद पड़ताल करने पर खुलासा हुआ कि मंगलौर में कोतवाली के पास जीवनधारा अस्पताल का रजिस्ट्रेशन फर्जी तरीके से उनके प्रपत्र लगाकर कराया गया है।
महिला चिकित्सक के भाई ने पुलिस को बताया कि अस्पताल में अमित नेगी फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कराकर मरीजों का इलाज करा रहा है। कोतवाली प्रभारी मनोज मेनवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद जीवनधारा अस्पताल के संचालक अमित नेगी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी तरीके से प्रपत्र तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।